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JAC ने बिना जांच पड़ताल के दी सैकड़ों स्कूलों को स्थापना की अनुमति, 107 विद्यालयों के अनुदान आवेदन खारिज

Published: Fri, 30 Oct 2026 12:04 PM (IST)

झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने बिना जांच-पड़ताल के कई वित्त रहित माध्यमिक विद्यालयों को स्थापना अनुमति दी, जिससे अनुदान समिति ...और पढ़ें

अनुदान को लेकर विद्यालयों के अपील आवेदन की समीक्षा में सामने आया तथ्य।

अनुदान को लेकर विद्यालयों के अपील आवेदन की समीक्षा में सामने आया तथ्य।

HighLights

  1. जैक ने बिना जांच कई स्कूलों को दी स्थापना अनुमति।

  2. अनुदान समिति ने अनियमितता पर कार्रवाई की सिफारिश की।

  3. 107 विद्यालयों के अनुदान आवेदन हुए खारिज।

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने बिना कोई जांच-पड़ताल किए या दस्तावेज की समीक्षा किए कई वित्त रहित माध्यमिक विद्यालयों को स्थापना अनुमति प्रदान की है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमाशंकर की अध्यक्षता में विभागीय अनुदान समिति की बैठक में अनुदान को लेकर विद्यालयों से प्राप्त अपील आवेदनों की समीक्षा के क्रम में यह तथ्य सामने आया है।

समिति ने झारखंड माध्यमिक विद्यालय स्थापना अनुमति एवं प्रस्वीकृति (शर्त एवं बंधेज) नियमावली, 2008 के विरुद्ध इन माध्यमिक विद्यालयों को स्थापना अनुमति देने के लिए जैक से स्पष्टीकरण प्राप्त करने तथा गड़बड़ी प्रमाणित होने पर दोषी पदाधिकारियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की अनुशंसा की है। विभाग इस दिशा में कार्रवाई कर रहा है।

समीक्षा में यह गड़बड़ी सामने आने पर समिति ने संबंधित विद्यालयों को अनुदान देने पर रोक लगा दी है। उनका अपील आवेदन भी अस्वीकृत कर दिया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुदान से वंचित किए गए कुल 107 माध्यमिक विद्यालयों ने अनुदान के लिए अपील आवेदन विभाग को सौंपा था।

इनमें से 28 के आवेदन नियमावली में निर्धारित शर्तें पूरी नहीं करने के कारण अपील खारिज कर दी गई। बताते चलें कि जैक द्वारा माध्यमिक विद्यालयों को शुरू में स्थापना अनुमति प्रदान की जाती है।

विद्यालयों द्वारा निर्धारित शर्तें पूरी करने के बाद उन्हें स्थायी प्रस्वीकृति (मान्यता) प्रदान की जाती है। राज्य सरकार प्रत्येक वर्ष प्रस्वीकृति प्राप्त विद्यालयों के साथ-साथ स्थापना अनुमति प्राप्त विद्यालयों को भी अनुदान देती है।

किसी में शासी निकाय गठित नहीं तो किसी में आवश्यक कक्ष नहीं

अनुदान समिति ने जिन माध्यमिक विद्यालयों के अनुदान की स्वीकृति प्रदान नहीं की है, उनमें अधिसंख्य में शासी निकाय गठित नहीं था। कई विद्यालयों में आवश्यक संख्या में वर्गकक्ष नहीं होने पर भी स्थापना अनुमति प्रदान कर दी गई।

कई विद्यालयों ने स्थापना अनुमति मिलने के कई वर्ष बाद भी प्रस्वीकृति प्राप्त नहीं की, क्योंकि वह विद्यालय इसके लिए आवश्यक मानक पूरा नहीं करते थे। समिति ने इन विद्यालयों के कारण सहित अपील आवेदन खारिज किए हैं।

दुमका के विजय राय जनजाति माध्यमिक विद्यालय के संबंध में डीईओ की रिपोर्ट के आधार पर कहा गया कि इसके पास छह वर्गकक्ष ही उपलब्ध हैं, जो मानक के अनुरूप नहीं है। दुमका के ही सूरज मंडल माध्यमिक विद्यालय के संबंध में डीईओ की रिपोर्ट में कहा गया कि इसके पास तीन वर्गकक्ष ही उपलब्ध है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ऐसा प्रतीत होता है कि इस विद्यालय द्वारा अनुदान के लिए नामांकन दिखाया गया है। निरीक्षण के क्रम में नामांकन के अनुरूप विद्यार्थियों की उपस्थिति नहीं पाई गई।

इसी तरह, शास्त्री स्मारक हाई स्कूल, जैकाना सरायकेला खरसावां के संबंध में कहा गया कि विद्यालय के शासी निकाय का गठन विधिवत ढंग से नहीं किया गया। ऐसे कई विद्यालय हैं, जिनके द्वारा स्थापना अनुमति प्राप्त करने के कई वर्षों बाद भी प्रस्वीकृति नहीं ली।

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