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    स्पेनिश महिला सामूहिक दुष्कर्म मामले में हाईकोर्ट ने झारखंड सरकार को लगाई फटकार, पूछ लिया ये बड़ा सवाल

    Updated: Thu, 07 Mar 2024 11:45 PM (IST)

    झारखंड हाईकोर्ट में दुमका में स्पेन की महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म मामले की गुरुवार को सुनवाई हुई। सरकार की ओर से दाखिल जवाब से असंतुष्टि जाहिर करते हुए अदालत ने फिर से विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने पूछा कि विदेशी पर्यटकों के राज्य में प्रवेश के दौरान जांच और उनकी सुरक्षा एवं सहायता के लिए सरकार के पास कोई एसओपी है या नहीं?

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    विदेशी पर्यटकों की सुरक्षा के लिए एसओपी है या नहीं : हाई कोर्ट। (फाइल फोटो)

    राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एस चंद्रशेखर व जस्टिस नवनीत कुमार की खंडपीठ में दुमका में स्पेन की महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म मामले की गुरुवार को सुनवाई हुई। इस दौरान सरकार की ओर से दाखिल जवाब से असंतुष्टि जाहिर करते हुए अदालत ने फिर से विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

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    अदालत ने पूछा कि विदेशी पर्यटकों के राज्य की सीमा में प्रवेश के दौरान जांच और उनकी सुरक्षा एवं सहायता के लिए सरकार के पास कोई एसओपी है या नहीं? यदि नहीं है तो इसको लेकर सरकार की क्या योजना है? राज्य में प्रतिवर्ष कितने विदेशी मेहमान आ रहे हैं और प्रवेश के बाद उनके लिए सुरक्षा की क्या व्यवस्था है? राज्य के जिलों में विदेशी भाषाओं में हेल्पलाइन नंबर आदि की व्यवस्था जरूरी है।

    झारखंड पर्यटकों का हब, सुरक्षा मुहैया जरूरी

    कोर्ट ने मौखिक तौर पर कहा कि झारखंड विदेशी पर्यटकों के लिए एक हब बन चुका है, इसलिए यह पता होना चाहिए कि यहां प्रतिवर्ष कितने विदेशी पर्यटक आ रहे हैं। उन्हें सुरक्षा मुहैया कराया जाना भी जरूरी है। जरूरत होने पर उनके लिए मेडिकल सुविधा भी होनी चाहिए।

    दुमका एसपी के शपथ पत्र पर जताई नाराजगी

    इससे पहले दुमका एसपी के शपथ पत्र पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए मौखिक रूप से कहा कि विदेशी महिला के साथ हुई घटना का सुपरविजन किसी वरीय अधिकारी को करना चाहिए था। कोर्ट को बताया गया कि एसआइटी ने सात आरोपितों की पहचान कर ली है।

    मामले पर कोर्ट ने लिया था स्वत: संज्ञान 

    घटना के बाद अदालत ने मामले में स्वत: संज्ञान लेकर सरकार से जवाब मांगा था। पूछा था कि घटना के बाद क्या-क्या कार्रवाई की गई।

    अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि किसी विदेशी नागरिक के विरुद्ध किसी भी प्रकार के अपराध की घटना से देश की पर्यटन अर्थव्यवस्था पर प्रभाव पड़ सकता है तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छवि भी खराब हो सकती है।

    13 मार्च को होगी अगली सुनवाई

    मामले को अधिवक्ता ऋतु कुमार और अधिवक्ता समावेश भंजदेव ने अदालत के समक्ष उठाया था। अब इस मामले पर हाई कोर्ट में अगली सुनवाई 13 मार्च को होगी।

    बता दें कि दो मार्च को दुमका के हंसडीहा इलाके में स्पेन की महिला पर्यटक के साथ सात लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। महिला और उसके साथी के साथ मारपीट और लूटपाट भी की गई।

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