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झारखंड के रिम्स अस्पताल में HIV संक्रमित महिला ने छिपाई जानकारी, सर्जरी करने वाले डॉक्टरों में इन्फेक्शन का डर 

Published: Sun, 05 Apr 2026 08:14 AM (IST)

रांची के रिम्स अस्पताल में एक महिला ने HIV संक्रमण की जानकारी छिपाकर सर्जरी करवाई, जिससे ऑपरेशन में शामिल डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।

रिम्स अस्पताल। फाइल फोटो

रिम्स अस्पताल। फाइल फोटो

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जागरण संवाददाता, रांची। शहर में स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में एक संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपनी ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस (HIV ) संक्रमण की जानकारी छिपा ली, जिसके बाद उसका सामान्य प्रक्रिया के तहत ऑपरेशन कर दिया गया।

बाद में उसके HIV पजिटिव होने की पुष्टि होने पर ऑपरेशन में शामिल डॉक्टरों और मेडिकल स्टॉफ के बीच संक्रमण को लेकर चिंता बढ़ गई है।

अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, जिस महिला का ऑपरेशन किया गया वह बीते करीब तीन वर्षों से HIV से संक्रमित है और एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी (एआरटी) के जरिए इलाजरत थी।

बावजूद इसके, उसने अस्पताल में भर्ती के दौरान अपनी स्वास्थ्य स्थिति का खुलासा नहीं किया। इसी आधार पर लेबर रूम में उसका ऑपरेशन सामान्य प्रक्रिया के तहत कर दिया गया।

मामले का खुलासा शनिवार को तब हुआ, जब सदर अस्पताल की ओर से रिम्स को सूचना दी गई कि संबंधित मरीज HIV पजिटिव है और उसकी रिपोर्ट पहले से दर्ज है। इसके बाद रिम्स अस्पताल के अंदर हलचल तेज हो गई और ऑपरेशन में शामिल टीम को सतर्क किया गया।

पीईपी दवाओं का सेवन शुरू 

घटना के बाद सर्जरी करने वाले जूनियर डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों में संक्रमण की आशंका को लेकर तनाव की स्थिति बन गई है। एहतियातन सभी संबंधित कर्मियों ने पोस्ट-एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस (पीईपी) दवाओं का सेवन शुरू कर दिया है, जो आमतौर पर संभावित संक्रमण से बचाव के लिए निर्धारित अवधि तक दी जाती है।

HIV संक्रमित मरीजों के मामलों में निर्धारित प्रोटोकाल के तहत अतिरिक्त सावधानियां बरती जाती हैं, लेकिन मरीज द्वारा जानकारी छिपाए जाने की स्थिति में स्वास्थ्यकर्मियों के सामने जोखिम की स्थिति बन सकती है।

फिलहाल, पूरे मामले को लेकर प्रबंधन द्वारा आंतरिक स्तर पर जानकारी जुटाई जा रही है। इस घटना ने मरीजों द्वारा स्वास्थ्य संबंधी जानकारी साझा करने की आवश्यकता और चिकित्सा प्रक्रिया में पारदर्शिता के महत्व को एक बार फिर रेखांकित किया है। साथ ही डॉक्टरों की जानकारी में कमी होना व लापरवाही भी सामने आ रही है।

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