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शोक के बीच निभाया राजधर्म, मां के अंतिम संस्कार के अगले ही दिन CM हेमंत ने निपटाईं जरूरी फाइलें

Published: Fri, 09 Oct 2026 09:41 PM (GMT+05:30)

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी मां रूपी सोरेन के अंतिम संस्कार के अगले दिन रामगढ़ स्थित अपने आवास पर महत्वपूर्ण सरकारी फाइलें निपटाईं।

शोक के बीच निभाया राजधर्म, मां के अंतिम संस्कार के अगले ही दिन हेमंत सोरेन ने निपटाईं जरूरी फाइलें

शोक के बीच निभाया राजधर्म, मां के अंतिम संस्कार के अगले ही दिन हेमंत सोरेन ने निपटाईं जरूरी फाइलें

HighLights

  1. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मां के अंतिम संस्कार के बाद फाइलें निपटाईं।

  2. रामगढ़ के नेमरा गांव स्थित आवास पर निपटाए गए सरकारी कार्य।

  3. मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने सीएम को जरूरी फाइलें सौंपी थीं।

राज्य ब्यूरो, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी मां रूपी सोरेन के अंतिम संस्कार के दूसरे दिन शुक्रवार को रामगढ़ के नेमरा गांव स्थित अपने आवास पर जरूरी सरकारी फाइलें निपटाईं।

मुख्य सचिव अविनाश कुमार लगभग आधा दर्जन जरूरी रूटीन फाइलें लेकर उनके पास पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने उनका निष्पादन किया।

बताया जाता है कि ये वैसी फाइलें थीं, जिनपर तत्काल निर्णय लिया जाना जरूरी था। ऐसी स्थिति में मुख्यमंत्री ने शोक की स्थिति के बीच प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाते हुए फाइलें निपटाईं।

मुख्यमंत्री ने कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर मुख्य सचिव के साथ चर्चा भी की। इस बीच मुख्यमंत्री उन्हें शोक संवेदना प्रकट करने नेमरा पहुंचने वाले लोगों से भी मिलते रहे।

रूपी सोरेन का नेमरा में अंतिम संस्कार, हेमंत ने दी मुखाग्नि

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता रूपी सोरेन का अंतिम संस्कार गुरुवार को पूरे सम्मान और पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ संपन्न हुआ था। अंत्येष्टि रामगढ़ जिला में उनके पैतृक गांव नेमरा स्थित श्मशान घाट पर हुई। मुखाग्नि हेमंत सोरेन ने दी। वहां मौजूद हजारों लोगों की आंखें नम हो गईं। माहौल अत्यंत गमगीन हो गया।

रूपी सोरेन के पार्थिव का दर्शन करने और उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए नेमरा गांव में जनसैलाब उमड़ पड़ा। दूरदराज से सैकड़ों ग्रामीण आए। सभी दलों के राजनेताओं के अलावा प्रशासनिक अधिकारियों ने दिवंगत रूपी सोरेन को अश्रुपूरित नेत्रों से अंतिम विदाई दी।

शव यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए और श्मशान घाट तक गए। नेमरा गांव के हर घर के लोग शोक में दिखे। सभी रूपी सोरेन के व्यक्तित्व और कृतित्व पर चर्चा करते रहे। इससे पहले उनका पार्थिव मोरहाबादी आवास पर दर्शनार्थ रखा गया था।

पुत्री अंजली सोरेन और बहू कल्पना सोरेन बिलखते रहे। हेमंत सोरेन खुद रो रहे थे। फिर खुद को संभालते हुए बहन को भी सांत्वना देते रहे। पैतृक गांव नेमरा पहुंचने के बाद संथाली विधि विधान से अंतिम संस्कार की सारी प्रक्रिया पूरी की गई। हेमंत सोरेन ने मुखाग्नि दी। मुख्य सचिव अविनाश कुमार व्यवस्था की देखरेख में लगे रहे।

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