यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 12, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी निलंबित IAS पूजा सिंघल को सुप्रीम कोर्ट से अंतिम आस, जमानत पर 2 जनवरी को सुनवाई
भ्रष्टाचार के संगीन आरोपों में निलंबित झारखंड की पूर्व खान-उद्योग सचिव आइएएस अधिकारी पूजा सिंघल की जमानत याचिका पर सुप्रीम ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, रांची। मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) की आरोपित निलंबित आईएएस पूजा सिंघल (Pooja Singhal) की जमानत याचिका पर दो जनवरी को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए आईडी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस मामले की अगली सुनवाई दो जनवरी को निर्धारित की गई है। बता दें कि झारखंड हाई कोर्ट (Jharkhand High Court) के जस्टिस एसके द्विवेदी की अदालत ने पूजा सिंघल की जमानत याचिका (Bail plea) को खारिज कर दिया था। अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि भ्रष्ट आईएएस अधिकारी को जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता है इसलिए उनकी याचिका को खारिज किया जाता है।
ईडी ने की निलंबित आइएएस पूजा सिंघल के खिलाफ कार्रवाई, जब्त की अस्पताल सहित 82 करोड़ की चार संपत्ति
पूजा ने कोर्ट से लगाई जमानत की गुहार
पूजा सिंघल को खूंटी में हुए मनरेगा घोटाला मामले में ईडी ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इडी की छापेमारी में उनके सहयोगी सीए सुमन कुमार के यहां से 19 करोड़ बरामद हुए थे। पूजा सिंघल ने अपनी तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए जमानत देने की गुहार लगाई थी। हाई कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर कर जमानत देने की मांग की है।
27 सितंबर को रिम्स में एडमिट हुई थी पूजा सिंघल
मालूम हो कि पूजा सिंघल को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने मनी लांड्रिंग और मनरेगा घोटाला मामले में 11 मई को गिरफ्तार किया था। इसके बाद वह जेल में बंद थी। 27 सितंबर को उन्हें सीने में दर्द की शिकायत के बाद होटवार जेल से रिम्स (RIMS Ranchi) लाया गया। यहां पहले कार्डियोलॉजी विभाग में उन्हें एडमिट कराया गया और कई तरह की जांच कराई गई और उनके सारे रिपोर्ट सही निकले। इसके बाद माइग्रेन की उनकी शिकायत के चलते न्यूरोलॉजी विभाग में उन्हें एडमिट कराया। यहां की भी रिपोर्ट में कुछ गलत नहीं निकला। इसके बाद उन्हें डिस्चार्ज कर पुन: जेल भेज दिया गया।
