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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jharkhand ED Raid: झारखंड 'कैश कांड' में ईडी के हाथ लगा रुपये ढोने वाला सबूत; आलमगीर के PS व नौकर से पूछताछ जारी

Published: Fri, 10 May 2024 11:42 PM (IST)

टेंडर कमीशन घोटाले की जांच कर रही ईडी की रिमांड पर मंत्री आलमगीर आलम के निजी सचिव संजीव लाल व ...और पढ़ें

झारखंड 'कैश कांड' में ईडी के हाथ लगा रुपये ढोने वाला सबूत
झारखंड 'कैश कांड' में ईडी के हाथ लगा रुपये ढोने वाला सबूत

HighLights

  1. ईडी की रिमांड पर हैं संजीव लाल व उनका नौकर जहांगीर, लगातार चल रही है दोनों से पूछताछ
  2. मंत्री आलमगीर आलम के निजी सचिव संजीव लाल का नौकर है जहांगीर
  3. जहांगीर के फ्लैट से मिले थे 32 करोड़ 20 लाख रुपये

राज्य ब्यूरो, रांची। टेंडर कमीशन घोटाला में मनी लांड्रिंग के तहत जांच कर रही ईडी की रिमांड पर मंत्री आलमगीर आलम के निजी सचिव संजीव लाल व संजीव लाल के नौकर जहांगीर आलम से लगातार पूछताछ चल रही है।

आठ मई से रिमांड पर जारी पूछताछ के दौरान ईडी को जानकारी मिली कि जहांगीर अपनी स्कूटी से बैग व थैले में रुपये लेकर अपने हरमू रोड के सर सैय्यद अपार्टमेंट स्थित फ्लैट में ले जाता था।

यह जहांगीर की वही फ्लैट है, जहां ईडी ने छापेमारी कर 32 करोड़ 20 लाख रुपये नकदी बरामद किया था। ईडी ने पूछताछ में मिली जानकारी के बाद अपराध में इस्तेमाल होने वाली स्कूटी को जब्त कर लिया है।

ठेकेदार मुन्ना सिंह व राजीव सिंह से पूछताछ की तैयारी

ईडी संजीव लाल व उनके नौकर जहांगीर की रिमांड अवधि के दौरान ही ठेकेदार मुन्ना सिंह व राजीव सिंह से पूछताछ की तैयारी में है। ईडी को सिंह मोड़ हटिया निवासी राजीव सिंह के ठिकाने से छापेमारी में दो करोड़ 14 लाख रुपये मिले थे।

ईडी की छानबीन में यह खुलासा हो चुका है कि राजीव सिंह संजीव लाल तक दस करोड़ रुपये पहुंचा चुका था। ईडी अब राजीव सिंह से उनके काम व उन सभी रुपयों के स्रोत की जानकारी लेगी, जो बरामद हुए थे और संजीव लाल तक पहुंचाए गए थे।

राजीव सिंह से पूछताछ में ईडी यह जानेगी कि उनकी संजीव लाल से कैसे मुलाकात हुई और किस कार्य के एवज में उन्होंने राशि दी।

कुछ वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों व नेताओं की फंसेगी गर्दन

टेंडर कमीशन घोटाले में कुछ वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों व नेताओं की गर्दन फंसने जा रही है। पूर्व में ग्रामीण कार्य विभाग के मुख्य अभियंता वीरेंद्र राम से भी पूछताछ में दो दर्जन से अधिक अधिकारी व नेता के नाम सामने आए थे।

उन नामों पर अब संजीव लाल से मुहर लगवाई जा रही है। बताया जा रहा है कि बहुत जल्द उन सभी संदिग्धों को ईडी समन कर पूछताछ के लिए बुलाएगी।

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