जीआरपी और स्थानीय पुलिस के बीच उलझा रहा देवपालिक का शव, रातभर RIMS मोर्चरी में पड़ा रहा
जन सुराज पार्टी के डिजिटल मीडिया मैनेजर देवपालिक गुप्ता के शव का पोस्टमार्टम पुलिस और जीआरपी के बीच क्षेत्राधिकार विवाद ...और पढ़ें

जिम्मेदारी तय करने में सुबह 10 बजे तक नहीं हो सका पोस्टमार्टम।
HighLights
देवपालिक गुप्ता का शव रेलवे ट्रैक किनारे मिला था।
पुलिस-जीआरपी में क्षेत्राधिकार को लेकर विवाद हुआ।
पोस्टमार्टम में देरी से परिजन सुबह से परेशान रहे।
जागरण संवाददाता, रांची। जन सुराज पार्टी के डिजिटल मीडिया मैनेजर देवपालिक गुप्ता की मौत के बाद स्थानीय पुलिस और राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी) के बीच अधिकार क्षेत्र को लेकर ऐसी उलझन बनी कि उनका शव रातभर रिम्स की मोर्चरी में पड़ा रहा।
देर रात शव पोस्टमार्टम के लिए रिम्स लाया गया, लेकिन जिम्मेदारी लेने के बजाय दोनों पक्ष एक-दूसरे पर मामला डालते रहे। बुधवार सुबह करीब 10 बजे तक पोस्टमार्टम नहीं हो सका।
उधर, मृतक के स्वजन सुबह सात बजे से ही प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार करते रहे, लेकिन उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं मिली। अंतत मामला बढ़ने के बाद जीआरपी ने शव की जिम्मेदारी लेते हुए पोस्टमार्टम की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
रेलवे ट्रैक के पास मिला था शव, फिर भी जिम्मेदारी पर विवाद
देवपालिक का शव मंगलवार को अनगड़ा प्रखंड के जरवाडीह के पास रेलवे लाइन किनारे झाड़ियों में मिला था। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेजा गया। हालांकि, शव मिलने की जगह और घटनास्थल के अधिकार क्षेत्र को लेकर पुलिस और जीआरपी के बीच जिम्मेदारी तय नहीं हो सकी।
जीआरपी ने शुरुआत में शव ट्रैक से बाहर मिलने का हवाला देकर इसे स्थानीय पुलिस का मामला बताया। स्वजनों ने जानकारी देते हुए बताया कि सुबह से इंतजार के बावजूद उन्हें यह नहीं बताया गया कि पोस्टमार्टम कब होगा और किस पुलिस इकाई की ओर से आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्वजन परेशान, जिम्मेदारी तय करने में बीता समय
सुबह से रिम्स में मौजूद परिजनों ने बताया कि दोनों पुलिस इकाइयों के बीच विवाद के कारण कोई निर्णय नहीं हो पा रहा था। वे अपने परिजन के शव का पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार के लिए पैतृक गांव ले जाना चाहते थे, लेकिन प्रक्रिया में देरी होती रही। काफी देर बाद जीआरपी ने जिम्मेदारी संभाली और पोस्टमार्टम कराया।
परिजनों का कहना था कि देरी के कारण शव की स्थिति भी खराब होने लगी थी। देवपालिक गुप्ता 26 अक्टूबर को अपने दो सहयोगियों के साथ रांची से पटना लौट रहे थे। जनशताब्दी एक्सप्रेस में अनगड़ा के आसपास वह पेंट्री कार से खाना लाने की बात कहकर निकले थे, तलाश के बाद उनका शव रेलवे लाइन के पास मिला था।
