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प्रशांत किशोर की पार्टी के डिजिटल मैनेजर देवपालिक गुप्ता के जनशताब्दी से लापता होने पर दोस्त लगाते रहे गुहार, झारखंड के जंगल से मिला शव

Published: Tue, 27 Oct 2026 02:57 PM (IST)

प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज के डिजिटल मैनेजर देवपालिक गुप्ता ट्रेन से रहस्यमय तरीके से लापता हो गए थे। ...और पढ़ें

प्रशांत किशोर की ‘जन सुराज’ के डिजिटल मैनेजर देवपालिक गुप्ता का सफर के दौरान रहस्यमय लापता होने के बाद झारखंड के जंगल से मिला शव

प्रशांत किशोर की ‘जन सुराज’ के डिजिटल मैनेजर देवपालिक गुप्ता का सफर के दौरान रहस्यमय लापता होने के बाद झारखंड के जंगल से मिला शव

HighLights

  1. जन सुराज मैनेजर देवपालिक गुप्ता ट्रेन से रहस्यमय लापता।

  2. झारखंड के जंगल में मिला देवपालिक गुप्ता का शव।

  3. पुलिस की लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल।

डिजिटल डेस्क, रांची। प्रशांत किशोर की पार्टी ‘जन सुराज’ के डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर देवपालिक गुप्ता (31 वर्ष), जो रविवार को रांची से पटना जाने के दौरान जनशताब्दी एक्सप्रेस से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए थे, उनका शव झारखंड के एक जंगल से बरामद किया गया है। इस घटना के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों और पुलिस-प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

क्या था पूरा मामला?

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर (देवरिया क्षेत्र) के रहने वाले देवपालिक गुप्ता ने दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता की पढ़ाई की थी और वर्तमान में वे ‘जन सुराज’ पार्टी में डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, 26 अक्टूबर को देवपालिक अपने सहकर्मियों के साथ रांची रेलवे स्टेशन से पटना जाने के लिए जनशताब्दी एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12366, कोच C-2, सीट 50) में सवार हुए थे।

दोपहर करीब ढाई बजे ट्रेन के रांची से रवाना होने के थोड़ी देर बाद वह पैंट्री कार की तरफ खाने का आर्डर देने गए, लेकिन इसके बाद वह अपनी सीट पर वापस नहीं लौटे। साथियों ने काफी तलाश की और फोन मिलाया तो उनका मोबाइल फोन स्विच ऑफ मिला।

पुलिस और प्रशासनिक संवेदनहीनता के आरोप

लापता होने के बाद उनके सहयोगियों और दोस्तों ( जिनमें गुंजन कुमार गोस्वामी आदि शामिल हैं) ने सोशल मीडिया और सिस्टम पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। साथियों का आरोप है कि ट्रेन के मुरी और बोकारो पहुंचने पर जब रेलवे सुरक्षा बल और 'रेल मदद' से गुहार लगाई गई, तो उन्हें न्याय या त्वरित मदद देने के बजाय एक थाने से दूसरे थाने और एक जंक्शन से दूसरे जंक्शन का चक्कर कटवाया गया।

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि "एक इंसान लापता था और पुलिस इस बात पर उलझी रही कि FIR किस थाने के अधिकार क्षेत्र में दर्ज होगी।" काफी जद्दोजहद और पैरवी के बाद घटना के करीब 6 घंटे बाद रात में एफआईआर दर्ज हो सकी।

दोस्तों का यह भी आरोप है कि रात के वक्त जब जंगल वाले इलाके में तुरंत सर्च ऑपरेशन चलाने की गुहार लगाई गई, तो पुलिस ने टालमटोल रवैया अपनाया और समय गंवा दिया। यहां तक कि मदद मांगने गए साथियों के साथ पुलिसिया रवैया भी बेहद असहयोगपूर्ण रहा।

जंगल से मिला शव, मचा कोहराम

सोमवार (27 अक्टूबर) को दोपहर बाद अनगड़ा/बरवादाग इलाके के जंगलों और झाड़ियों से एक शव मिलने की पुष्टि हुई। स्थानीय रिपोर्टर्स और पुलिस द्वारा की गई छानबीन के बाद यह स्पष्ट हुआ कि मिला हुआ शव जन सुराज के लापता डिजिटल मैनेजर देवपालिक गुप्ता का ही है।

फिलहाल पुलिस और स्थानीय प्रशासन द्वारा पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर शव को रिम्स, रांची भेजने व आगे की विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। चलती ट्रेन से एक राजनीतिक दल के जिम्मेदार पदाधिकारी का इस तरह रहस्यमय तरीके से गायब होना और फिर जंगल से मृत अवस्था में शव मिलना कई गहरे और अनसुने सवाल छोड़ गया है। इस दुखद घटना के बाद से परिजनों, मित्रों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों में भारी आक्रोश और शोक की लहर है।