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मेरे भाई को ट्रेन से धक्का देकर मारा गया, देवपालिक के दोनों दोस्त पुलिस हिरासत में; इंजीनियरिंग छोड़ चुनी थी पत्रकारिता

Published: Wed, 28 Oct 2026 07:57 PM (IST)

जन सुराज पार्टी के डिजिटल मीडिया मैनेजर देवपालिक गुप्ता की ट्रेन यात्रा के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई ...और पढ़ें

जन सुराज पार्टी के डिजिटल मीडिया मैनेजर देवपालिक गुप्ता के भाई ने जताई हत्या की आशंका।

जन सुराज पार्टी के डिजिटल मीडिया मैनेजर देवपालिक गुप्ता के भाई ने जताई हत्या की आशंका।

HighLights

  1. देवपालिक गुप्ता की ट्रेन यात्रा में संदिग्ध मौत।

  2. भाई ने हत्या की आशंका जताई, इंसाफ मांगा।

  3. पुलिस दोस्तों से पूछताछ कर रही, जांच जारी।

जागरण संवाददाता, रांची। मेरे भाई को ट्रेन से धक्का देकर मारा गया है, हमलोगों को इंसाफ चाहिए। जो भी कातिल है, उसे सजा मिलनी चाहिए... यह कहना है जन सुराज पार्टी के डिजिटल मीडिया मैनेजर देवपालिक गुप्ता के बड़े भाई जगजीतम कुमार गुप्ता का।

बुधवार को रिम्स में पोस्टमार्टम के दौरान उन्होंने अपने भाई की मौत पर सवाल उठाते हुए हत्या की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि जिस रेलवे ट्रेक के पास उनका शव मिला वो ट्रेक से करीब 10-15 फिट आगे गिरा पाया गया, उनका शव भी मुंह के बल गिरा मिला, चेहरा बुरी तरह से चोटिल था।

उन्होंने पुलिस से पूछा कि अगर देवपालिक ट्रेन से लापता हो गए थे, तो उनके साथ सफर कर रहे दोनों दोस्तों ने तत्काल उनकी तलाश क्यों नहीं की। बोकारो पहुंचने के बाद ही रेलवे सुरक्षा कर्मियों को इसकी सूचना क्यों दी गई, उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि देवपालिक चलती ट्रेन से गिरे थे, तो क्या किसी यात्री ने इस घटना को नहीं देखा।

दोनों दोस्तों से पूछताछ, जांच में जुटी पुलिस

देवपालिक के साथ ट्रेन में सफर कर रहे गौतम कुमार और निशांत को पुलिस ने अनगड़ा थाने में रखा है। गौतम मधुपुर और निशांत बिहार के बेगूसराय के रहने वाले हैं। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है।

हालांकि, अब तक उनकी संलिप्तता को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पोस्टमार्टम के बाद शव स्वजनों को दोपहर 1.45 बजे सौंप दिया गया। विसरा को जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। इसके बाद स्वजन निजी एंबुलेंस से शव लेकर उत्तर प्रदेश के कुशीनगर स्थित अपने पैतृक गांव रवाना हो गए।

रिम्स में शव देखते ही परिवार वाले दहाड़ मारकर रोने लगे। परिवार के सदस्यों का बार-बार यही सवाल था कि आखिर देवपालिक के साथ यह सब कैसे हो गया। अविवाहित देवपालिक की शादी की तैयारी भी परिवार में चल रही थी।

पेंट्री कार से खाना लाने निकले थे, फिर नहीं लौटे

देवपालिक गुप्ता 26 अक्टूबर को अपने दो सहयोगियों के साथ रांची घूमने आए थे। सोमवार को तीनों जनशताब्दी एक्सप्रेस से पटना लौट रहे थे। साथियों के अनुसार, ट्रेन के अनगड़ा के आसपास पहुंचने पर देवपालिक पेंट्री कार से भोजन लाने की बात कहकर अगली बोगी की ओर गए थे।

इसके बाद वह वापस नहीं लौटे। करीब दो घंटे इंतजार करने के बाद साथियों ने ट्रेन की बोगियों में उनकी तलाश की। ट्रेन के बोकारो पहुंचने पर रेलवे सुरक्षा कर्मियों को इसकी जानकारी दी गई।

देवपालिक के नहीं मिलने पर मुरी स्टेशन पर शिकायत की गई और रेल मदद पर भी सूचना दी गई। इसके बाद आरपीएफ और जीआरपी ने तलाश शुरू की। रात में रेलवे लाइन के आसपास स्पेशल इंजन की मदद से खोजबीन की गई।

करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान अनगड़ा प्रखंड के जरवाडीह के पास रेलवे लाइन किनारे झाड़ियों में उनका शव मिला। इसके बाद शव को मंगलवार देर रात पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेजा गया था।

इंजीनियरिंग छोड़कर चुनी थी पत्रकारिता की राह

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर निवासी 31 वर्षीय देवपालिक ने बीटेक की पढ़ाई छोड़कर पत्रकारिता को करियर बनाया था। उन्होंने नई दिल्ली स्थित भारतीय जन संचार संस्थान (आइआइएमसी) से पत्रकारिता की पढ़ाई की थी। इसके बाद वह जन सुराज पार्टी से जुड़े और डिजिटल मीडिया मैनेजर के रूप में काम कर रहे थे।

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