यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 23, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
रिम्स में लापरवाही के चलते महिला की मौत
रिम्स में लापरवाही की वजह से एक महिला की मौत हो गई।

रांची, जेएनएन। रिम्स में लापरवाही की वजह से एक महिला की मौत हो गई। बताया जाता है कि यह महिला मेडिसिन और गाइनी विभाग में घूमती रही। इसके बावजूद डॉक्टरों ने उसे दाखिल नहीं किया। दूसरे विभागों में मरीज को भेजते रहे डॉक्टर। सुबह पांच बजे महिला की मौत हो गई।
रिम्स में में सिर्फ 50 रुपये की कमी के कारण रविवार को एक वर्षीय बच्चे की मौत इलाज के अभाव में तड़प-तड़प कर हो गई थी। जांच सेंटर ने बच्चे की जांच सिर्फ इस कारण नहीं की कि उसके पास 50 रुपये कम थे। बच्चे को सिर पर चोट लगी थी। इमरजेंसी विभाग में चिकित्सकों ने स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद सीटी स्कैन कराने की सलाह दी थी।
परिजन बच्चे को रिम्स के जांच सेंटर हेल्थमैप में ले गए। जांच के लिए 1350 रुपये मांगे गए। परिजनों के पास सिर्फ 1300 रुपये थे तो उन्होंने जांच करने से मना कर दिया। परिजन बार-बार गुहार लगाते रहे लेकिन उनकी गुजारिश नहीं सुनी गई। करीब आधे घंटे तक यह दौर चलता रहा।
इसी बीच बच्चे की मौत हो गई। मृत बच्चा श्याम के पिता संतोष लोहरा बेहद गरीब पेशे से रिक्शा चालक हैं। धुर्वा स्थित मौसीबाड़ी में रहते हैं। बच्चा घर पर गिर गया था। सिर पर चोट थी। इलाज के लिए उसे रिम्स लाया गया था। वहां इमरजेंसी में जांच के बाद कहा गया कि बच्चे की स्थिति गंभीर है। सीटी स्कैन की सलाह दी गई।
रिम्स में यह कोई पहला मामला नहीं है। लापरवाही के कारण मरीजों की मौत लगातार हो रही है। बीपीएल गरीब तबके से आने के बावजदू संतोष लोहरा को कोई लाभ नहीं मिला, जबकि रिम्स में गरीब मरीजों के लिए कई तरह की जांच मुफ्त भी है।
