यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 21, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
50 रुपये के लिए रिम्स में नहीं हुई जांच, बच्चे की हो गई मौत
रिम्स में सिर्फ 50 रुपये की कमी के कारण एक वर्षीय बच्चे की मौत इलाज के अभाव में तड़प-तड़प कर हो गई।

जागरण संवाददाता, रांची। राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स में एक बार फिर मानवता को शर्मसार करने वाली घटना घटी है। सिर्फ 50 रुपये की कमी के कारण रविवार को एक वर्षीय बच्चे की मौत इलाज के अभाव में तड़प-तड़प कर हो गई। जांच सेंटर ने बच्चे की जांच सिर्फ इस कारण नहीं की कि उसके पास 50 रुपये कम थे। बच्चे को सिर पर चोट लगी थी। इमरजेंसी विभाग में चिकित्सकों ने स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद सीटी स्कैन कराने की सलाह दी थी।
परिजन बच्चे को रिम्स के जांच सेंटर हेल्थमैप में ले गए। जांच के लिए 1350 रुपये मांगे गए। परिजनों के पास सिर्फ 1300 रुपये थे तो उन्होंने जांच करने से मना कर दिया। परिजन बार-बार गुहार लगाते रहे लेकिन उनकी गुजारिश नहीं सुनी गई। करीब आधे घंटे तक यह दौर चलता रहा। इसी बीच बच्चे की मौत हो गई।1मृत बच्चा श्याम के पिता संतोष लोहरा बेहद गरीब पेशे से रिक्शा चालक हैं। धुर्वा स्थित मौसीबाड़ी में रहते हैं। बच्चा घर पर गिर गया था। सिर पर चोट थी। इलाज के लिए उसे रिम्स लाया गया था। वहां इमरजेंसी में जांच के बाद कहा गया कि बच्चे की स्थिति गंभीर है। सीटी स्कैन की सलाह दी गई।
बीपीएल होने का भी नहीं मिला लाभ
रिम्स में यह कोई पहला मामला नहीं है। लापरवाही के कारण मरीजों की मौत लगातार हो रही है। बीपीएल गरीब तबके से आने के बावजदू संतोष लोहरा को कोई लाभ नहीं मिला, जबकि रिम्स में गरीब मरीजों के लिए कई तरह की जांच मुफ्त भी है।
जानिए, किसने क्या कहा
बच्चे का सीटी स्कैन कराना था। 50 रुपये मेरे पास कम थे। हेल्थमैप के कर्मी को मैंने जांच के लिए गुजारिश भी की। लेकिन, इसके बाद भी जांच के लिए मना कर दिया। बोला गया पूरे पैसा जमा कराइए, तभी जांच होगी।
-संतोष लोहरा, मृत बच्चे का पिता।
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परिजनों द्वारा जो आरोप लगाया गया है, गलत है। यह संभव ही नहीं है। 50 रुपये के लिए किसी की जान नहीं ले सकते हैं।
-मोहित, एजीएम हेल्थमैप, रिम्स परिसर में संचालित जांच सेंटर।
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सीटी स्कैन के लिए किसी की मौत नहीं हो सकती है, क्योंकि इमरजेंसी के मरीजों के लिए रिम्स ने जांच के लिए खास व्यवस्था कर रखी है। अब देखना होगा कि मरीज हेल्थमैप क्यों गया। इस संबंध में चिकित्सक से भी बातचीत की जाएगी। इस पर जांच के बाद ही कुछ कहना संभव होगा।
-डॉ. बीएल शेरवाल निदेशक, रिम्स।
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