रांची, जासं। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने शनिवार को बिना अनुमति रिम्स में इलाजरत और चारा घोटाले में सजायाफ्ता लालू यादव से मुलाकात की। करीब आधे घंटे तक दोनों नेताओं के बीच बिहार चुनाव समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। पिछले चार महीने के दौरान लालू से बिना अनुमति मुलाकात का सिलसिला बढ़ गया है। इस दौरान कई बार जेल मैनुअल के उल्लंघन पर सवाल उठे हैं।

हालांकि लालू से मिलकर बाहर निकलने के बाद सुबोधकांत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे सूचना देकर आए थे। लेकिन काराधीक्षक के अनुसार, इन दिनों किसी को भी लालू प्रसाद से मिलने के लिए अनुमति नहीं दी गई है। बताया कि लालू यादव के स्वास्थ्य का हालचाल लिया और बिहार की राजनीति पर भी चर्चा हुई। सहाय ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि बिहार में भी भाजपा का वही हाल करना है जो झारखंड में हुआ है। उनके साथ कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता राकेश सिन्हा भी मौजूद थे।

गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए जेल प्रशासन ने 21 मार्च को लालू प्रसाद से होने वाली मुलाकात पर अगले आदेश तक रोक लगा दी थी। इसके बावजूद इस अवधि में कई लोग लालू से मिल चुके हैं। जेल मैनुअल के हिसाब से सामान्य दिनों में भी लालू से मुलाकात के लिए सप्ताह में एक दिन तय किया गया है।

उस दिन जेल से अनुमति और लालू की सहमति से अधिकतम तीन लोग उनसे मिल सकते हैं, लेकिन झारखंड में झामुमो-कांग्रेस और राजद गठबंधन की सरकार बनने के बाद इन नियमों के पालन में ढील देखने को मिली है। सूत्रों की मानें तो जब से बिहार में चुनावी गहमागहमी बढ़ी तो राजद सुप्रीमो से प्रतिदिन बिना अनुमति के विभिन्न राजनीतिक दलों के लोग मिल रहे हैं और प्रतिदिन रिम्स में लालू प्रसाद का दरबार सजा रहे हैं।

रिम्स के पेईंग वार्ड का निरिक्षण करने पहुंचे ग्रामीण एसपी।

ग्रामीण एसपी ने लालू के वार्ड का किया निरीक्षण

जेल मैनुअल का उल्लंघन कर रिम्स के पेइंग वार्ड में लालू से लगातार मुलाकात कर रहे लोगों के बारे में खबर प्रकाशित कर दैनिक जागरण ने इस ओर ध्यान आकृष्ट कराया था। एक दिन पहले भी बिहार के दो नेताओं की लालू से मुलाकात के संबंध में खबर छपने के बाद शनिवार को रांची के ग्रामीण एसपी निरीक्षण के लिए लालू के वार्ड पहुंचे। इस दौरान एसपी ने सुरक्षा में लगे जवानों के कई कड़े निर्देश दिए और सख्त हिदायत दी कि जेल मैनुअल का जो भी उल्लंघन करता है उसकी सूचना पुलिस प्रशासन को दी जाए।

'अगर किसी को लालू प्रसाद यादव से मिलना है तो उसे पहले कारा महानिरीक्षक से अनुमति लेनी होगी। कोरोना संक्रमण के बाद इन दिनों किसी को भी मिलने की अनुमति नहीं दी गई है।' -अशोक कुमार चौधरी, काराधीक्षक, बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार।

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