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रांची में छठ घाट की बिक्री का 'अवैध खेल', ₹1500 तक में बिक रही सीढ़ियां; नाम-नंबर लिखकर हो रहा कब्जा

Published: Wed, 04 Nov 2026 07:00 AM (IST)

रांची में छठ महापर्व से पहले प्रमुख घाटों पर अवैध रूप से जगह घेरने और बेचने का खेल शुरू हो ...और पढ़ें

रांची में छठ घाट की बिक्री का अवैध खेल (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

रांची में छठ घाट की बिक्री का अवैध खेल (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

HighLights

  1. छठ घाटों पर अवैध रूप से जगह घेरी जा रही।

  2. श्रद्धालुओं को 500-1500 रुपये में बेची जा रही जगह।

  3. रांची नगर निगम ने अवैध कब्जा पर कार्रवाई की चेतावनी दी।

जागरण संवाददाता, रांची। छठ महापर्व में अभी कुछ दिन बाकी हैं, लेकिन शहर के प्रमुख छठ घाटों पर जगह कब्जाने का खेल शुरू हो गया है। घाटों पर अपनी जगह सुरक्षित करने के नाम पर कुछ लोगों ने अभी से अवैध कब्जा जमाना शुरू कर दिया है। इसके लिए घाटों के किनारे और सीढ़ियों पर अपना नाम और मोबाइल नंबर लिखा जा रहा है। 

इनमें अधिकतर स्थानीय युवा शामिल हैं, जो पहले खुद घाटों पर जगह घेर लेते हैं और बाद में श्रद्धालुओं को 500 से 1500 रुपये तक में वही जगह बेच देते हैं। इससे छठ व्रतियों और उनके स्वजनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

घाटों की होत है बिक्री

पिछले वर्ष भी शहर के कई प्रमुख छठ घाटों पर इसी तरह जगह कब्जाने और बेचने की शिकायतें सामने आई थीं। आस्था के महापर्व में घाटों पर बेहतर जगह पाने के लिए श्रद्धालुओं को मजबूरन पैसे देने पड़ते हैं। 

वहीं, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को घाटों पर उचित स्थान नहीं मिल पाता। सार्वजनिक घाटों पर इस तरह का कब्जा न केवल अवैध है, बल्कि आम श्रद्धालुओं के अधिकारों का भी हनन है।

अवैध बुकिंग करने वालों पर होगी कार्रवाई

मामले को गंभीरता से लेते हुए रांची नगर निगम के नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने स्पष्ट किया है कि किसी भी छठ घाट पर किसी व्यक्ति विशेष द्वारा अपना नाम और मोबाइल नंबर लिखकर अथवा किसी अन्य माध्यम से अवैध बुकिंग कर जगह पर एकाधिकार स्थापित करने का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 

ऐसे मामले सामने आने पर तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि घाटों पर कोई व्यक्ति अवैध रूप से जगह घेरता है या पैसे लेकर जगह बेचने की कोशिश करता है, तो इसकी सूचना निगम के टोल फ्री नंबर 18005701235 पर दें। निगम का कहना है कि छठ घाट सार्वजनिक स्थल हैं और यहां सभी श्रद्धालुओं को समान रूप से पूजा करने का अवसर मिलना चाहिए।

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