JPSC-JSSC: 'परीक्षा रद करने के फैसले पर लग सकती है कोर्ट की रोक', बाबूलाल मरांडी ने ऐसा क्यों कहा?
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड सरकार के छात्र आंदोलन और परीक्षा रद करने के फैसले पर सवाल उठाए हैं। ...और पढ़ें

बाबूलाल मरांडी ने झारखंड सरकार के परीक्षा रद करने के फैसले पर उठाए सवाल
HighLights
सरकार के परीक्षा रद्द करने के फैसले पर सवाल उठाए
छात्रों को ठगने की साजिश का आरोप लगाया मरांडी ने
कोर्ट द्वारा फैसले पर रोक लगने की आशंका जताई
राज्य ब्यूरो, रांची। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी (Babulal Marandi) ने छात्र आंदोलन के संदर्भ में झारखंड सरकार द्वारा लिए गए निर्णय एवं सरकार की नीयत पर सवाल खड़ा किया है।
उन्होंने मंगलवार को प्रदेश कार्यालय में मीडिया से कहा कि झारखंड के छात्रों को ठगने के लिए सरकार ने सोची-समझी साजिश के तहत कैबिनेट में परीक्षाओं को रद करने का निर्णय लिया है।
बकौल मरांडी, टीडीपीएल द्वारा ली गई सारी परीक्षाओं एवं सीजीएल परीक्षा रद करने का फैसला कर राज्य सरकार अपनी पीठ खुद थपथपा रही है। सरकार चाहती है कि उसके दोनों हाथ में लड्डू हो।
मरांडी बोले- परीक्षा रद करने के फैसले पर लग सकती है रोक
बाबूलाल के अनुसार, एक तरफ सरकार कहेगी कि उसने तो परीक्षाओं को रद करने की घोषणा कर दी। अब गलत ढंग से चयनित छात्र न्यायालय जाएंगे। न्यायालय सरकार और सीआईडी से सबूत मांगेगा। कोर्ट में वही सीआईडी तथ्यों को प्रस्तुत करेगी, जो पिछली बार अपनी झूठी जांच रिपोर्ट से कोर्ट को दिग्भ्रमित कर चुकी है।
मरांडी ने कहा कि नतीजा यह होगा कि सरकार के परीक्षा रद करने के फैसले पर न्यायालय की रोक लग सकती है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सरकार में पार्टनर हैं, इसलिए वे चुप हैं। ईमानदारी से छात्रों के हित का मुद्दा इसलिए वे नहीं उठा पा रहे हैं। छात्र हित के नाम पर वे केवल दिखावा कर रहे हैं।
'सरकार जनता को गुमराह कर रही'
उन्होंने कहा कि चर्चा है कि जेपीएससी के अध्यक्ष बनने के लिए 70 करोड़ रुपये तक देने पड़ते हैं। मरांडी ने कहा कि झामुमो-कांग्रेस सरकार की मंशा यहां के छात्र, युवा समझ चुके हैं। यह सरकार केवल जनता को गुमराह कर रही है। यह सरकार झारखंड की जनता को, बच्चों को दिगभ्रमित कर रही है।
