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JPSC-JSSC विवाद: रांची में खत्म नहीं हुआ छात्रों का आंदोलन, भूख हड़ताल जारी; CM हेमंत के सामने 2 डिमांड

Published: Tue, 18 Aug 2026 09:52 PM (GMT+05:30)

सरकार द्वारा जेपीएससी-जेएसएससी की विवादित परीक्षाएं रद करने की घोषणा के बावजूद रांची में छात्रों का आंदोलन जारी है। वे ...और पढ़ें

JPSC-JSSC परीक्षा रद होने के बाद भी रांची में छात्रों का आंदोलन जारी (ANI)

JPSC-JSSC परीक्षा रद होने के बाद भी रांची में छात्रों का आंदोलन जारी (ANI)

HighLights

  1. छात्रों ने जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा रद करने की लिखित अधिसूचना मांगी।

  2. परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की सीबीआई जांच की मांग पर अड़े छात्र।

  3. दो छात्र अनशन पर, सरकार के फैसले पर पूर्ण भरोसा नहीं।

जागरण संवाददाता, रांची। सरकार की ओर से जेपीएससी-जेएसएससी की विवादित परीक्षाओं को रद करने की घोषणा के बावजूद छात्रों का आंदोलन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। जेपीएससी-जेएसएससी रिफार्म मंच के छात्र मंगलवार को भारी वर्षा के बीच फिर धरना स्थल पर बैठ गए।

छात्रों की मांग है कि सरकार पहले रद की गई परीक्षाओं को लेकर लिखित अधिसूचना जारी करे और पूरे मामले की सीबीआई जांच कराए। छात्रों का कहना है कि केवल घोषणा से वे संतुष्ट नहीं हैं। जब तक लिखित आदेश सामने नहीं आता, तब तक उन्हें सरकार के फैसले पर पूरी तरह भरोसा नहीं होगा।

मंगलवार को रांची में भारी वर्षा के बावजूद छात्र धरना स्थल से नहीं हटे। छात्र एकजुट होकर अपने भविष्य और आंदोलन की अगली रणनीति पर चर्चा करते रहे। सुबह से ही धरना स्थल पर छात्रों के बीच बेचैनी देखी गई। सरकार के फैसले से छात्र खुश जरूर थे, लेकिन उनके मन में कई सवाल भी थे।

छात्रों का कहना था कि सरकार ने उनकी कुछ मांगों को स्वीकार किया है, इसके लिए वे सरकार के आभारी हैं, लेकिन आंदोलन की प्रमुख मांगों में शामिल सीबीआई जांच को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

छात्रों ने सवाल उठाया कि यदि सरकार परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और सुधार करने की बात कर रही है तो फिर कथित गड़बड़ियों की जड़ तक पहुंचने के लिए सीबीआई जांच कराने में परेशानी क्या है।

लिखित आदेश मिलने तक जारी रहेगा धरना:

मंच के छात्र नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि सरकार ने उनकी कुछ मांगों पर सहमति दी है, जिसके लिए छात्र सरकार का धन्यवाद करते हैं, लेकिन उनकी पूरी मांगें मानी जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि परीक्षा रद करने की घोषणा के साथ ही इसकी विधिवत अधिसूचना जारी होनी चाहिए, ताकि छात्रों के बीच किसी तरह का संशय न रहे।

उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच इसलिए जरूरी है, ताकि परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार की जड़ तक पहुंचा जा सके। दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। गलत तरीके से नौकरी हासिल करने वालों पर भी कार्रवाई हो, ताकि मेहनत और ईमानदारी से परीक्षा देने वाले छात्रों के साथ न्याय हो सके।

दो छात्र अनशन पर:

इस बीच दो अनशनकारी छात्रों ने अपना अनशन जारी रखा है। इनमें रांची की छात्रा सबिता और गढ़वा के छात्र रूपेश शामिल हैं। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस और लिखित निर्णय नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

मंच के छात्र नेता राधे कुमार ने कहा कि छात्रों ने 24 दिनों तक बारिश, भूख हड़ताल और तमाम परेशानियां झेलकर अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाई है। सरकार की ओर से की गई घोषणाओं को छात्र सकारात्मक कदम मानते हैं, लेकिन अब जरूरी है कि उन घोषणाओं को लिखित आदेश के रूप में सामने लाया जाए।

उन्होंने कहा कि छात्रों की लड़ाई किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए है। सीबीआई जांच से ही पूरे मामले की निष्पक्षता के साथ जांच संभव होगी और दोषियों तक पहुंचा जा सकेगा।

सीएम आवास घेराव फिलहाल स्थगित:

छात्र नेता रविंद्र पासवान ने बताया कि 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का कार्यक्रम फिलहाल स्थगित कर दिया है। आगे की रणनीति पर आंदोलनकारी छात्रों की बैठक में निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार के अगले कदम और लिखित आदेश के बाद ही आंदोलन की दिशा तय की जाएगी।

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