'रिटायरमेंट में अभी 4 साल बाकी हैं...', 56 की उम्र में JTET देने पहुंचे अभ्यर्थी, 50-55 वर्ष की महिलाएं भी पहुंची
रांची में झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) में 50 से 56 वर्ष के अभ्यर्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

जेटेट की परीक्षा देकर निकलते हुए परीक्षाथी सुरेन्द्र राम और दिव्यांनी सांगा। (जागरण)
HighLights
50-56 वर्ष के अभ्यर्थियों ने जेटेट परीक्षा दी।
शिक्षक बनने की चाहत और जुनून दिखा।
उम्र की सीमा नहीं, हौसले की उड़ान।
जागरण संवाददाता, रांची। हौसले के आगे उम्र भी छोटी पड़ गई। शिक्षक बनने की चाहत और कुछ कर गुजरने का जुनून ऐसा कि 56 साल की उम्र में भी अभ्यर्थियों ने परीक्षा का मैदान नहीं छोड़ा।
रविवार को झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) के केंद्रों पर 26 साल के युवाओं के साथ 56 वर्ष तक के परीक्षार्थी भी पूरे जोश के साथ पहुंचे।
इनमें 50 से 55 वर्ष की महिलाएं भी शामिल थीं, जिन्होंने पारिवारिक जिम्मेदारियों और उम्र की सीमाओं को पीछे छोड़कर परीक्षा दी।
सबसे दिलचस्प रहा 56 वर्षीय अभ्यर्थियों का जज्बा। उनसे जब परीक्षा देने की वजह पूछी गई तो उनका जवाब था कि नौकरी से सेवानिवृत्त होने में अभी चार साल बाकी हैं। जब तक मौका है, तब तक प्रयास क्यों छोड़ा जाए। उम्र बढ़ने से सपने देखने और उन्हें पूरा करने की इच्छा खत्म नहीं हो जाती।
चार साल भी बेहतर करने और अपनी काबिलियत साबित करने के लिए काफी हैं। परीक्षा केंद्रों पर इन बुजुर्ग अभ्यर्थियों का उत्साह युवाओं के लिए भी प्रेरणा बना रहा।
वहीं, 50 से 55 वर्ष की महिलाओं ने भी यह दिखा दिया कि जिम्मेदारियां और उम्र किसी के हौसले को नहीं बांध सकतीं। किसी की आंखों में शिक्षक बनने का सपना था, तो किसी के भीतर वर्षों से अधूरी ख्वाहिश पूरी करने की उम्मीद।
जेटेट के परीक्षा केंद्रों पर रविवार को उम्र और हौसले का अनोखा संगम देखने को मिला। इन अभ्यर्थियों ने अपने जज्बे से संदेश दिया कि मंजिल पाने की कोशिश के लिए न उम्र की सीमा होती है और न ही हौसले की कोई समय-सीमा।