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झारखंड: रजरप्पा में दिखेगा इटली के वेटिकन सिटी का नजारा, ₹8 लाख की लागत से बनेगा 51 फीट ऊंचा दुर्गा पंडाल  

Published: Mon, 05 Oct 2026 03:50 PM (IST)

रजरप्पा कोयलांचल में दुर्गा पूजा की तैयारियां जोरों पर हैं, जहां इस बार इटली के वेटिकन सिटी की तर्ज पर 51 फीट ऊंचा भव्य पंडाल बनाया जा रहा है।

दुर्गा पंडाल का स्वरूप। फोटो जागरण

दुर्गा पंडाल का स्वरूप। फोटो जागरण

HighLights

  1. रजरप्पा में इटली के वेटिकन सिटी की तर्ज पर पंडाल।

  2. 51 फीट ऊंचा और 7.75 लाख रुपये की लागत से निर्माण।

  3. सुरक्षा हेतु 60 सीसीटीवी कैमरे और पुलिस बल तैनात।

तारकेश्वर महतो, रजरप्पा (रामगढ़)। रजरप्पा कोयलांचल के आसपास के क्षेत्रों में दुर्गा पूजा को लेकर पंडालों को भव्य रूप देने की तैयारी शुरू हो गई है। कुछ दिन बाद शरद नवरात्र की शुरुआत हो जाएगी। त्योहार की आगवानी के लिए बाजार भी तैयार दिख रहा है।

कई जगहों पर पंडाल को आकर्षक रूप देने में कारीगर जुटे हुए हैं। इधर रजरप्पा प्रोजेक्ट स्थित दुर्गा मंडप में श्री श्री दुर्गा पूजा समिति रजरप्पा की ओर से दुर्गा पूजा महोत्सव का आयोजन धूमधाम से मनाने की तैयारी है।

इस बार यहां इटली के वेटिकन सिटी का प्रारूप बनाया जा रहा है। जिसके कारण यहां बन रहे पूजा पंडाल अब आकार लेना शुरू कर दिया है।

लाखों रुपये आएगी लागत 

पूजा पंडाल करीब पौने आठ लाख रुपये की लागत से किया जा रहा है, जबकि अन्य पूजन कार्य के अलावा पूजा के लिए ऐसे कई कार्य है, जिसकी लागत लाखों में होने की अनुमान है।

वहीं, प्रतिमा की ऊंचाई छह से सात फीट के बीच रहेगी, जबकि सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं व्यवस्था कराने की भी योजना है। इसके लिए अलग से कमेटी बनाई गई है।

कमेटी के सचिव गजेंद्र चौधरी ने बताया कि दुर्गा पूजा महोत्सव के आयोजन में लोगों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। पूजा को लेकर लोगों में उत्साह भी है।

पूजा कमेटी भी धूमधाम के साथ पूजा के सफल संचालन के लिए लगे हुए हैं। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी भव्य पूजा का आयोजन किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि पंडाल बनाने का कार्य पंकज टेंट हाउस रामगढ़ द्वारा किया जा रहा है। उसके लगभग एक दर्जन से ज्यादा मजदूर निर्माण कार्य में जुट गए हैं।

भव्य होगा मेला 

उन्होंने आगे कहा कि रजरप्पा में इस बार इटली के वेटिकन सिटी का प्रारूप दिखेगा। पंडाल का निर्माण 7 लाख 75 हजार की लागत से किया जा रहा है।

इसकी ऊंचाई लगभग 51 फीट और चौड़ाई 70 फीट होगी। उन्होंने कहा कि इस बार 10 तरह के झूले रहेंगे। इसके अलावे मौत का कुंआ लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा।

साथ ही कई तरह के स्टॉल भी लगाए जाएंगे। जिसमे विभिन्न तरह का व्यंजनों बिकेंगे। वही महिलाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

पूरे क्षेत्र को करीब 60 सीसीटीवी कैमरे के नजर से देखा जाएगा। साथ ही रजरप्पा थाना पुलिस के जवान भी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहेंगे। ताकि कोई भी हुड़दंग न करे।

छिन्नमस्तिके की धरती का है विशेष महत्व 

छिन्नमस्तिका मंदिर की पावन भूमि सिद्धपीठ है। असम के कामरुप कामाख्या मंदिर से आए एक साधक की माने तो छिन्नमस्तिका मंदिर के आसपास की कण कण में साधना के लिए ऐसी उर्जा मिलती है, जिसे साधारण जनमानस महसूस नहीं कर सकते हैं, बल्कि इस करंट को साधक या तंत्र मंत्र के जानकार ही महसूस कर सकता है।

साधक का दावा है कि नवरात्र में यहां मिलने वाली उर्जा विश्व के किसी भी सिद्ध या शक्तिपीठ में महसूस नही किया जा सकता है।

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