झारखंड में CCL की नौकरी के लिए खूनी खेल: पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर की पति की हत्या, रची लूटपाट की झूठी कहानी
रामगढ़ के गिद्दी में सीसीएल कर्मी मंगलेश पाल की हत्या का पुलिस ने 24 घंटे में खुलासा कर दिया है। ...और पढ़ें

सीसीएल कर्मी पति की हत्या में पत्नी, प्रेमी समेत तीन गिरफ्तार
HighLights
सीसीएल कर्मी मंगलेश पाल की हत्या का खुलासा।
पत्नी, प्रेमी और नाबालिग सहयोगी गिरफ्तार किए गए।
नौकरी और शादी के लिए रची गई थी साजिश।
संवाद सूत्र, गिद्दी (रामगढ़)। गिद्दी थाना क्षेत्र के गिद्दी मेनगेट निवासी सीसीएल कर्मी मंगलेश पाल उर्फ हैप्पी हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है।
सीसीएल की नौकरी हासिल करने और अपने ममेरे भाई सह प्रेमी से शादी करने के उद्देश्य से मृतक की पत्नी सोनाली कुमारी उर्फ नीतू ने प्रेमी और एक नाबालिग सहयोगी के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची थी।
वारदात को अंजाम देने के दौरान आरोपित कौशिक कुमार नौनिया ने दाउली से दर्जनों वार किए। जबकि नाबालिग सहयोगी ने चाकू से वार कर मंगलेश को मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए पत्नी के हाथ-पैर और मुंह बांधकर घर में लूटपाट होने की कहानी गढ़ी गई।
पुलिस ने मामले में मृतक की पत्नी सोनाली कुमारी, उसके प्रेमी (ममेरे भाई) कौशिक कुमार नौनिया और एक नाबालिग सहयोगी को गिरफ्तार किया है।
आरोपितों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त खून लगा दाउली और चाकू, खून लगा पोछा, आरोपितों के खून लगे कपड़े व चप्पल तथा मृतक और उसकी पत्नी के जले हुए मोबाइल फोन के अवशेष बरामद किए गए हैं।
गिरफ्तार सोनाली और कौशिक को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है, जबकि नाबालिग को बाल सुधार गृह भेजने की कार्रवाई की गई है।
सोमवार को गिद्दी थाना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़कागांव अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अमित आनंद ने बताया कि 18 अक्टूबर की सुबह करीब 5.30 बजे ग्रामीणों ने थाना प्रभारी को सूचना दी थी कि गिद्दी मेनगेट स्थित सीसीएल कर्मी मंगलेश पाल के घर में लूटपाट के दौरान उसकी हत्या कर दी गई है।
सूचना के अनुसार अपराधियों ने मंगलेश की पत्नी के हाथ-पैर और मुंह बांध दिए थे तथा धारदार हथियार से मंगलेश की हत्या कर दी थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने वरीय अधिकारियों को घटना से अवगत कराया।
एसआईटी गठित कर शुरू हुई जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बड़कागांव एसडीपीओ अमित आनंद के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया।
टीम ने एफएसएल, फिंगर प्रिंट और डाग स्क्वायड की मदद से घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। साथ ही तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्य जुटाए गए।
जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर मृतक की पत्नी सोनाली कुमारी से पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने अपने प्रेमी कौशिक कुमार और एक नाबालिग सहयोगी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रचने और वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की।
पुलिस को गुमराह करने के लिए रची लूटपाट की कहानी
एसडीपीओ ने बताया कि हत्या के बाद मामले को लूटपाट का रूप देने और पुलिस की जांच को भटकाने के उद्देश्य से सोनाली के हाथ-पैर और मुंह बांध दिए गए थे। इसके बाद उसने लूटपाट के दौरान पति की हत्या किए जाने की कहानी बताई।
हालांकि, तकनीकी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को संदेह हुआ। गहन पूछताछ के बाद कथित साजिश का खुलासा हुआ। बताया कि आरोपितों ने साक्ष्य मिटाने के लिए खून साफ करने में पोछे का इस्तेमाल किया और मोबाइल फोन भी जला दिए।
दाउली, चाकू, खून लगे कपड़े और जले मोबाइल बरामद
आरोपितों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया खून लगा धारदार दाउली और चाकू बरामद किया। इसके अलावा खून लगा पोछा, आरोपितों के खून लगे कपड़े और चप्पल भी जब्त किए गए।
मृतक और उसकी पत्नी के जले हुए मोबाइल फोन के अवशेष भी बरामद हुए हैं। पुलिस इन साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे जांच कर रही है।
मृतक की बहन ने दर्ज कराई प्राथमिकी
मृतक की बहन की शिकायत पर गिद्दी थाना कांड संख्या 35/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 61(2), 238 और 3(5) के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान सोनाली कुमारी उर्फ नीतू (23 वर्ष), पति स्व. मंगलेश पाल, तथा कौशिक कुमार नौनिया (23 वर्ष), पिता जितेंद्र कुमार प्रसाद, निवासी चपुई खास कोलियरी, भसका धौड़ा, थाना रानीगंज, जिला पश्चिम बर्दवान (पश्चिम बंगाल) के रूप में हुई है।
कौशिक वर्तमान में गिद्दी फुटबाल मैदान के समीप रह रहा था। मामले में शामिल एक विधि-विरुद्ध बालक को भी निरुद्ध किया गया है।
एसआईटी में ये थे शामिल
हत्याकांड के उद्भेदन के लिए गठित एसआईटी में बड़कागांव एसडीपीओ अमित आनंद, बड़कागांव अंचल के पुलिस निरीक्षक मो. शाहिद रजा, गिद्दी थाना प्रभारी इकबाल हुसैन, उरीमारी ओपी प्रभारी रथु उरांव, गिद्दी थाना के अवर निरीक्षक रमेशचंद्र हजाम, सिदिउ पुरती, शशिकांत प्रेमा तिर्की समेत गिद्दी और उरीमारी थाना के रिजर्व गार्ड शामिल थे।
