मां रूपी सोरेन की अस्थियां लेकर रजरप्पा पहुंचे Jharkhand CM Hemant Soren, दामोदर-भैरवी संगम में किया विसर्जन
Jharkhand CM Hemant Soren ने रजरप्पा के दामोदर-भैरवी संगम तट पर अपनी दिवंगत माता रूपी सोरेन की अस्थियां पारंपरिक संताली विधि-विधान से विसर्जित कीं।

भैरवी नदी के रजरप्पा घाट पर मां की अस्थियां विसर्जित करते झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन। (फोटो जागरण)
HighLights
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने माता रूपी सोरेन की अस्थियां विसर्जित कीं।
रजरप्पा के दामोदर-भैरवी संगम पर पारंपरिक विधि-विधान से विसर्जन।
अस्थि विसर्जन के बाद ग्रामीणों को वस्त्र वितरित किए गए।
जागरण संवाददाता, रामगढ़। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी माता दिवंगत रूपी सोरेन की अस्थियां रजरप्पा के दामोदर-भैरवी नदी संगम के जाड्ंग बाहा तुपुनाई घाट पर सोमवार को विसर्जित किया। मुख्यमंत्री ने सामाजिक रीति-रिवाज, मान्यता व परंपराओं के तहत पूरी श्रद्धा के साथ अपनी माता की अस्थियों को विधिवत रूप से विसर्जित किया।
इसके पूर्व, मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन अपने पैतृक गांव नेमरा से गमगीन माहौल में अपनी पूजनीय माता की अस्थि कलश लेकर रजरप्पा के प्रसिद्ध शक्तिपीठ मॉ छिन्नमस्तिका मंदिर रजरप्पा अवस्थित दामोदर-भैरवी के पवित्र संगम तट पर पहुंचे और जाड्ग बाहा तुपुनाई घाट पर अपने पूरे रीति-रिवाज, पारंपरिक संताली विधि-विधान का पालन करते हुए अस्थियां विसर्जित की।
मुख्यमंत्री को परगना बाबा जोगेश्वर सोरेन के नेतृत्व में मांझी बाबा बिन्दे सोरेन, लुगू गोडैत, सुरेन्द्र टुडू, पारानीक बाबा महावीर मुर्मू, सोमाय टुडू, जीतलाल मुर्मू आदि ने पारंपरिक विधि-विधान संपन्न कराया।
वस्त्र वितरित: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सभी विधि-विधान व अस्थि विसर्जन की परंपरा का निर्वहन करने के उपरांत ग्रामीणों के बीच वस्त्र का वितरण किया। पारंपरिक विधि-विधान निर्वहन के दौरान मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के साथ उनके पारिवारिक सदस्य उपस्थित रहे।
विदित हो कि मुख्यमंत्री की पूजनीय माता रूपी सोरेन का 18 अक्टूबर 2026 को उनके पैतृक गांव नेमरा में संस्कार भोज संपन्न हुआ था।
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