रामगढ़ में लंदन के लक्ष्मी नारायण मंदिर की तर्ज पर बनेगा दुर्गा पूजा पंडाल, 75 फीट होगी ऊंचाई
गिद्दी में इस वर्ष दुर्गा पूजा पंडाल लंदन के प्रसिद्ध श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर के प्रारूप पर बनाया जा रहा ...और पढ़ें

लंदन के लक्ष्मी नारायण मंदिर जैसा भव्य पूजा पंडाल बनेगा। जागरण
HighLights
लंदन के लक्ष्मी नारायण मंदिर जैसा भव्य पूजा पंडाल बनेगा।
पतरातू का प्रसिद्ध मीना बाजार होगा मुख्य आकर्षण का केंद्र।
मनोज तिवारी, गिद्दी (रामगढ़)। गिद्दी में वर्ष 1962 से हो रही मां दुर्गा की आराधना ने समय के साथ भव्य रूप ले लिया है। कभी महज चार हजार रुपये की लागत से शुरू हुई दुर्गा पूजा आज लाखों रुपये के बजट तक पहुंच गई है। पूजा पंडाल, विद्युत सज्जा, प्रतिमा और मेले की भव्यता के कारण गिद्दी की दुर्गा पूजा की कोयलांचल क्षेत्र में अलग पहचान बनी हुई है।
इस वर्ष भी गिद्दी दुर्गा पूजा समिति द्वारा पूजा की तैयारियां जोर-शोर से की जा रही हैं। इस वर्ष गिद्दी में लंदन के प्रसिद्ध श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर के प्रारूप पर भव्य पूजा पंडाल बनाया जा रहा है। समिति के सचिव प्रकाश सिंह व संयोजक रंधीर सिंह ने बताया कि पंडाल निर्माण पर करीब 3.90 लाख रुपये खर्च होंगे। इसका निर्माण गिद्दी के मुकेश मंडल टेंट हाउस द्वारा कराया जा रहा है। घुटुआ निवासी मो. जाकिर की टीम पंडाल निर्माण में जुटी है।
पंडाल की चौड़ाई करीब 70 फीट और ऊंचाई 75 फीट होगी। पंडाल में क्रीम और मैरून रंग के कपड़ों का प्रयोग किया जा रहा है। वहीं करीब 90 हजार रुपये की लागत से विद्युत सज्जा व साउंड का काम गिद्दी के मनोज सारंड को दिया गया है। मां दुर्गा सहित अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं का निर्माण पश्चिम बंगाल के मूर्तिकार हारू और हीरा कर रहे हैं।
मां दुर्गा की प्रतिमा 18 फीट ऊंची होगी, जबकि भगवान गणेश, कार्तिकेय, मां सरस्वती और मां लक्ष्मी की प्रतिमाएं करीब 10 फीट ऊंची बनाई जा रही हैं। करीब एक लाख रुपये की लागत से प्रतिमा निर्माण कराया जा रहा है। भुरकुंडा के डेकोरेटर चंदन द्वारा करीब 25 हजार रुपये की लागत से फूल, आंतरिक डिजाइन और डेकोरेशन का कार्य किया जाएगा।
मीना बाजार में लगेंगे विभिन्न प्रकार के झूले
गिद्दी दुर्गा पूजा का मेला भी लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहता है। पूजा की षष्ठी से एकादशी तक लगने वाले मेले में मनिहारी, खिलौने, मिठाई, चाट, छोले, गुपचुप सहित विभिन्न प्रकार की सैकड़ों अस्थायी दुकानें लगती हैं। इस वर्ष पतरातू का प्रसिद्ध मीना बाजार भी लगाया जाएगा। इसमें टावर झूला, ब्रेक डांस, मिक्की माउस, टोरी-टोरा और ड्रैगन झूला समेत कई आकर्षण होंगे।
सुरक्षा के लिए लगेंगे सीसीटीवी कैमरे
मेले की सुरक्षा को लेकर पूजा समिति द्वारा 12 से 13 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
24 वर्षों से हो रहा भोग-प्रसाद का वितरण
गिद्दी दुर्गा मंडप के समीप पिछले करीब 24 वर्षों से शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन से भोग-प्रसाद का वितरण किया जा रहा है। समिति के सदस्य प्रतिदिन श्रद्धालुओं के बीच भोग-प्रसाद का वितरण करते हैं। प्रसाद ग्रहण करने के लिए प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचते हैं। नवरात्र के प्रथम दिन से ही पूरा गिद्दी दुर्गा मंडप भक्तिमय माहौल में रंग जाता है।
पूजा समिति द्वारा हर वर्ष स्थायी दुर्गा मंडप के अंदरूनी हिस्से को भी आकर्षक रूप दिया जाता है। करीब 80 लाख रुपये से अधिक की लागत से निर्मित गिद्दी दुर्गा मंडप पूरे वर्ष लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहता है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के कारण गिद्दी की थी अलग पहचान
वर्ष 1980-90 के दशक में गिद्दी दुर्गा पूजा की अपनी अलग पहचान थी। उस समय पंचमी से एकादशी तक लगातार सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते थे। थियेटर, आर्केस्ट्रा, बिरहा, कव्वाली और चलचित्र जैसे कार्यक्रमों में आसपास के कोयलांचल क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते थे।
बदलते समय के साथ पिछले कई वर्षों से सांस्कृतिक कार्यक्रम बंद हो गए हैं। इसके बावजूद मां दुर्गा की आराधना और पूजा पंडाल की भव्यता के कारण गिद्दी दुर्गा पूजा का आकर्षण लगातार बना हुआ है।
ये लोग जुटे हैं तैयारी में
पूजा की तैयारी में अध्यक्ष गिद्दी पीओ आरके सिंह, उपाध्यक्ष गिद्दी थाना प्रभारी इकबाल हुसैन, सचिव प्रकाश सिंह, संयोजक रंधीर सिंह, कोषाध्यक्ष अवतार कुमार के अलावा विजय कुमार, बसंत रवानी, सूरजचंद्र गोस्वामी, गिरजा सिंह, बबलू सिंह, दिलीप सिंह, लोकेश सोनी, जयदेव मुखर्जी, सियाराम सिंह, श्रीनिवास, रमेश, रविंद्र, दीपक, संतोष, सुरेंद्र, जितेंद्र, उपेंद्र, बन्नू समेत समिति के सदस्य जुटे हुए हैं।
