रामगढ़ में खूनी बनी जर्जर सड़क: DC के निर्देश के बाद भी नहीं भरे गए गड्ढे, 2 दिनों में दो लोगों की मौत
रामगढ़ में गिद्दी-नयामोड़ और कुजू-चुंबा मार्ग पर गड्ढों के कारण दो दिनों में दो महिलाओं की मौत हो गई है। ...और पढ़ें

रामगढ़ में खूनी बनी जर्जर सड़क
मनोज तिवारी, गिद्दी (रामगढ़)। उपायुक्त के निर्देश के बावजूद गिद्दी-नयामोड़ मार्ग समेत कुजू से चुंबा तक सड़क पर बने गड्ढों की मरम्मत नहीं हुई है। जर्जर सड़क से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है और दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है।
पिछले दो दिनों में सड़क हादसों में दो महिलाओं की मौत के बाद ग्रामीणों में संबंधित विभागों के प्रति नाराजगी बढ़ गई है। उन्होंने सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग की है। बीते 16 सितंबर को उपायुक्त ऋतुराज ने गिद्दी-नयामोड़ मार्ग का निरीक्षण कर कुजू से चुंबा तक करीब नौ किलोमीटर सड़क की स्थिति देखी थी।
उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों और सीसीएल प्रबंधन को गड्ढों की मरम्मत का निर्देश दिया था। करीब छह अक्टूबर को समाहरणालय में हुई बैठक में भी उन्होंने दुर्गा पूजा से पहले गड्ढे भरने और सड़क दुरुस्त करने को कहा था। इसके बावजूद नवरात्र के तीन दिन बीतने तक काम शुरू नहीं हुआ है।
गड्ढों के कारण दो महिलाओं की मौत
गिद्दी-नयामोड़ मार्ग पर हेसालौंग नापो मोड़ के पास एक वाहन से बचने के दौरान बाइक सड़क के गड्ढे में गिर गई। झटके से डाड़ी प्रखंड के डाड़ी ढठवाटांड़ निवासी बीणा देवी, पत्नी महाबीर महतो, की मौत हो गई। वहीं, 12 अक्टूबर की शाम औरला जंगल के ठाकुरगोड़ा के पास हुए हादसे में मांडू प्रखंड के बड़का चुंबा निवासी कविता देवी, पत्नी जीतन साव, की जान चली गई।
ओरला जंगल के हादसे के बाद मौके पर जुटे चुंबा के ग्रामीणों ने कहा कि उपायुक्त के निर्देश के बाद भी गड्ढे नहीं भरे गए। उनका कहना था कि समय पर मरम्मत होती तो हादसों को रोकने में मदद मिल सकती थी।
ग्रामीणों के मुताबिक, वे सड़क के निर्माण और मरम्मत की मांग वर्षों से कर रहे हैं और अधिकारियों को अपनी समस्या बता चुके हैं, लेकिन स्थिति नहीं बदली। उन्होंने संबंधित विभागों और सीसीएल प्रबंधन से जल्द काम शुरू करने की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करेंगे।
