पलामू: जब नहीं बना पुल तो ग्रामीणों ने खुद नदी में पाइप डालकर बना दिया रास्ता, मुख्य सड़क से जुड़ा जैतूखाड़ गांव
पलामू के जैतूखाड़ गांव में पुल निर्माण न होने पर ग्रामीणों ने निजी खर्च और श्रमदान से मलय नदी में ...और पढ़ें

नदी में पाइप डालकर बना दिया रास्ता
HighLights
ग्रामीणों ने निजी खर्च और श्रमदान से रास्ता बनाया।
मलय नदी में पाइप डालकर अस्थायी पुल बनाया।
जैतूखाड़ गांव का मुख्य सड़क से संपर्क जुड़ा।
संवाद सूत्र, नीलांबर-पितांबरपुर (पलामू)। प्रखंड की जुरु पंचायत के जैतूखाड़ गांव के ग्रामीणों ने अपनी समस्या दूर करने के लिए खुद पहल की है। वर्षों से पुल निर्माण की मांग पूरी नहीं होने पर ग्रामीणों ने निजी खर्च और श्रमदान से मलय नदी में पाइप डालकर आवागमन के लिए अस्थायी रास्ता तैयार किया है।
ग्रामीण अनूप कुमार ने बताया कि गांव तीन तरफ से नदी से घिरा है। पांकी-मेदिनीनगर मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए मलय नदी पार करनी पड़ती है। बरसात में नदी का जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के कारण गांव का संपर्क मुख्य सड़क से कट जाता है। इससे स्कूली बच्चों, मरीजों और रोजी-रोजगार के लिए आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी होती है।
कई बार उपायुक्त को आवेदन दिया
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से गांव में सड़क का निर्माण नहीं हुआ है। पुल की मांग को लेकर कई बार उपायुक्त को आवेदन दिया गया, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
ग्रामीणों ने सुनील कुमार पासवान, बिन्स कुमार, अनुज कुमार, हंस कुमार, दिनेश पासवान, छोटू पासवान, मुकेश शर्मा, बबन राम, अजीत कुमार, राकेश कुमार, विकेश कुमार, पप्पू कुमार, बिगावन पासवान, सुरेंद्र पासवान, नंदलाल पासवान, सन्नी पासवान, भीम पासवान, मिथलेश पासवान और विकास कुमार शर्मा समेत अन्य लोगों के सहयोग से अस्थायी रास्ता बनाया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मलय नदी पर स्थायी पुल निर्माण कराने की मांग की है।