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झारखंड की ‘स्वधा एग्री’ बदल रही डेयरी की तस्वीर, गांव से ग्लोबल मंच तक बनाई पहचान; किसानों की बढ़ रही आय

Published: Mon, 20 Apr 2026 04:40 PM (IST)

पलामू में महिला-नेतृत्व वाला स्टार्टअप स्वधा एग्री डेयरी सेक्टर में क्रांति ला रहा है। 2021 में स्थापित यह प्लेटफॉर्म तकनीक ...और पढ़ें

स्वधा एग्री डेयरी की टीम। फोटो जागरण

स्वधा एग्री डेयरी की टीम। फोटो जागरण

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सच्चिदानंद, मेदिनीनगर (पलामू)। कभी असंगठित और बिचौलियों के भरोसे चलने वाला डेयरी सेक्टर अब पलामू में नई दिशा पकड़ रहा है। इसकी वजह बनी है महिला-नेतृत्व वाली स्टार्टअप स्वधा एग्री, जिसने तकनीक और पारदर्शिता के जरिए दूध के कारोबार को गांव से जोड़ते हुए उसे आधुनिक स्वरूप दे दिया है।

कोरोना लाकडाउन के दौर में जब छोटे शहरों की आर्थिक गतिविधियां थम सी गई थीं, उसी समय स्थानीय समस्याओं को समझते हुए वर्ष 2021 में इस स्टार्टअप की नींव रखी गई। आज यह पहल एक एंड-टू-एंड डेयरी टेक्नोलॉजी प्लेटफार्म बन चुकी है, जो किसानों, उपभोक्ताओं और लॉजिस्टिक्स को एक ही सिस्टम में जोड़ती है।

स्वधा एग्री का समित्रा फार्मर ऐप किसानों को सीधे प्लेटफार्म से जोड़ता है, जहां उन्हें दूध की सही कीमत, पारदर्शी भुगतान और नियमित मांग की जानकारी मिलती है।

वहीं, कस्टमर ऐप के जरिए उपभोक्ताओं को शुद्ध दूध की होम डिलीवरी सुनिश्चित की जाती है। इस तकनीकी समन्वय ने बिचौलियों की भूमिका को कम कर किसानों की आय बढ़ाने में मदद की है।

आंकड़ों पर नजर डालें तो कंपनी अब तक पलामू में 7 लाख से अधिक दूध की डिलीवरी कर चुकी है। 1,000 से अधिक किसान इससे जुड़े हैं और 3,000 से ज्यादा ग्राहक नियमित रूप से सेवा ले रहे हैं।

कंपनी का समेकित राजस्व 5 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं। स्वधा एग्री की पहचान अब स्थानीय सीमाओं से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंच चुकी है।

कंपनी को IIM Bengalore, IIM लखनऊ, नासकॉम और यूएस एंबेसी समर्थित स्टार्टअप नेक्सस से सहयोग मिला है। नाबार्ड एग्री इनोवेटिव के टॉप-10 में स्थान और एआई समिट में “स्टार्टअप विद सोशल इम्पैक्ट” का खिताब इसकी उपलब्धियों को और मजबूत करता है।

कंपनी ने वर्ल्ड फूड इंडिया 2024 व 2025, टीआईई ग्लोबल समिट, बेंगलुरु टेक समिट और स्टार्टअप महाकुंभ जैसे बड़े आयोजनों में अपने माडल को प्रस्तुत कर पलामू की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया है।

कंपनी को स्माल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक आफ इंडिया (सिडबी) और साफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स आफ इंडिया (एसटीपीआई) से से पहले चरण की फंडिंग भी प्राप्त हुई है।

डेयरी के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना उद्देश्य

स्वधा एग्री की फाउंडर व सीईओ नेहा भारती कहती हैं कि उनका उद्देश्य सिर्फ एक कंपनी खड़ी करना नहीं, बल्कि डेयरी के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।

उन्होंने कहा, “हम किसान-प्रथम सोच के साथ काम कर रहे हैं, जहां महिलाओं की भागीदारी बढ़े और छोटे शहरों के उपभोक्ताओं को भी बड़े शहरों जैसी सुविधाएं मिलें"।

पलामू जैसे जिले में जहां रोजगार और बाजार की चुनौतियां हमेशा चर्चा में रहती हैं, वहां स्वधा एग्री एक उदाहरण बनकर उभरी है-यह दिखाते हुए कि अगर सोच नई हो और तकनीक का सही इस्तेमाल किया जाए, तो गांव से भी ग्लोबल पहचान बनाई जा सकती है।

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