पलामू में फायरिंग मामलों की जांच में लापरवाही पर DIG सख्त, डीएसपी समेत पांच पुलिस अधिकारियों को शोकॉज
डीआईजी किशोर कौशल ने पलामू रेंज में आर्म्स एक्ट और फायरिंग के 11 मामलों की जांच में लापरवाही पर एक ...और पढ़ें

डीआईजी किशोर कौशल की फाइल फोटो।
HighLights
डीआईजी ने आर्म्स एक्ट मामलों की समीक्षा की।
एक डीएसपी, चार सब-इंस्पेक्टरों को शोकॉज।
जागरण संवाददाता, मेदिनीनगर (पलामू)। पलामू रेंज के डीआईजी किशोर कौशल ने आर्म्स एक्ट एवं फायरिंग के मामलों के अनुसंधान में लापरवाही बरतने पर एक डीएसपी और चार सब इंस्पेक्टर से स्पष्टीकरण (शोकॉज) मांगा है।
यह कार्रवाई मेदिनीनगर टाउन, सदर और चैनपुर थाना में दर्ज 11 मामलों की समीक्षा के दौरान की गई। समीक्षा में पाया गया कि कई मामलों में अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जबकि कुछ मामलों में मुख्य आरोपित की गिरफ्तारी के बाद भी अन्य आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। अधिकांश मामले सुजीत सिन्हा गिरोह से जुड़े बताए गए हैं।
जिन अधिकारियों से शोकॉज मांगा गया है, उनमें सदर थाना में पदस्थापित रहे सब इंस्पेक्टर कौलेश्वर प्रसाद, टाउन थाना में पदस्थापित रहे एवं वर्तमान हैदरनगर थाना प्रभारी तंजीलूल मन्नान, टाउन थाना में पदस्थापित रहे एवं वर्तमान किशुनपुर ओपी प्रभारी चंद्रशेखर यादव तथा टाउन थाना के सब इंस्पेक्टर सुबोध कुमार शामिल हैं।
इसके अलावा संबंधित डीएसपी से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। डीआईजी ने समीक्षा के दौरान यह भी पाया कि जेल से छूटने वाले अपराधियों की निगरानी प्रभावी ढंग से नहीं हो रही है। गंभीर अपराधियों के खिलाफ सीसीए का प्रस्ताव समय पर नहीं भेजा जा रहा था तथा कई मामलों के प्रतिवेदन डीएसपी स्तर पर महीनों से लंबित थे।
डीआईजी किशोर कौशल ने कहा कि अनुसंधान में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित एसडीपीओ को लंबित प्रतिवेदनों के शीघ्र निष्पादन और गंभीर मामलों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।
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