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पलामू में हाथियों का आतंक: चैनपुर के जंगलों में 4 दिनों से डटे 15 हाथियों का झुंड, रौंद रहे धान की फसलें

Published: Thu, 08 Oct 2026 07:00 AM (IST)

पलामू के चैनपुर क्षेत्र में 10-15 हाथियों का झुंड चार दिनों से कुमनी और खुरा के जंगलों में डेरा डाले हुए है, जिससे आसपास के गांवों में दहशत है।

पलामू में हाथियों का आतंक (एआई जेनरटेड तस्वीर)

पलामू में हाथियों का आतंक (एआई जेनरटेड तस्वीर)

HighLights

  1. चैनपुर के जंगलों में 10-15 हाथियों का झुंड मौजूद।

  2. हाथी चार दिनों से धान की फसलें बर्बाद कर रहे हैं।

  3. वन विभाग ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है।

संवाद सूत्र, चैनपुर (पलामू)। थाना क्षेत्र के कुमनी और खुरा के जंगलों में पिछले चार दिनों से 10 से 15 हाथियों का झुंड डेरा डाले हुए है। हाथियों का झुंड जंगल से निकलकर तीन-चार किलोमीटर के दायरे में स्थित गांवों के खेतों में पहुंचकर फसलों को बर्बाद कर रहा है। इससे सलतुआ, कुमनी, थम्हवा, खुरा, रबदा और बेहरा समेत आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। 

मंगलवार की रात हाथियों ने सुमंत तिवारी और युगल तिवारी के खेत में लगी धान की फसल को रौंदकर बर्बाद कर दिया। साथ ही पटवन के लिए बिछाए गए पाइप को भी तोड़ दिया। इससे एक दिन पहले सोमवार की रात रबदा निवासी महेश चौधरी व विनय चौधरी और खुरा निवासी तुलसी भुइयां के खेतों में लगी धान की फसल को नुकसान पहुंचाया था। इससे पहले भी हाथियों ने थम्हवा, खुरा और कुमनी में कुछ घरों को आंशिक क्षति पहुंचाई थी।

वन विभाग कर रहा निगरानी

हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग की टीम रात में लगातार पेट्रोलिंग कर रही है। प्रभारी फारेस्टर संदीप कुमार डोडराय ने ग्रामीणों को जंगल में नहीं जाने और रात में घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि मंगलवार रात पेट्रोलिंग के दौरान टीम का हाथियों से बेहद करीब सामना हो गया था।

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ग्रामीणों की मदद से मशाल जलाकर हाथियों को खदेड़ा जा रहा है। नष्ट फसलों का जांच के बाद मुआवजा दिया जाएगा।

शाम ढलते ही घरों में कैद हो रहे ग्रामीण

हाथियों की लगातार मौजूदगी से ग्रामीण भयभीत हैं। कौशल तिवारी, सुमंत तिवारी, साधु चौधरी और विनय चौधरी ने बताया कि पहले हाथी एक-दो दिन बाद दूसरे क्षेत्र में चले जाते थे, लेकिन इस बार चार-पांच दिनों से जंगल में जमे हुए हैं। शाम होते ही ग्रामीण घरों में कैद हो जा रहे हैं।

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