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झारखंड के सरकारी स्कूलों में बदलेगा पढ़ाई का तरीका, लागू होगी 'एडटेक' व्यवस्था

Published: Tue, 06 Oct 2026 01:32 PM (IST)

झारखंड के सरकारी स्कूलों में अब पारंपरिक पढ़ाई की जगह एडटेक आधारित शिक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी। इसका उद्देश्य डिजिटल ...और पढ़ें

झारखंड के सरकारी स्कूलों में बदलेगा पढ़ाई का तरीका (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

झारखंड के सरकारी स्कूलों में बदलेगा पढ़ाई का तरीका (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

HighLights

  1. सरकारी स्कूलों में एडटेक आधारित शिक्षा व्यवस्था होगी लागू।

  2. यूनिसेफ इंडिया के सहयोग से रोडमैप तैयार किया जा रहा है।

  3. शिक्षकों को नई तकनीक के अनुरूप तैयार किया जाएगा।

जागरण संवाददाता, मेदिनीनगर (पलामू)। सरकारी स्कूलों की पारंपरिक पढ़ाई अब धीरे-धीरे तकनीक आधारित शिक्षा व्यवस्था की ओर बढ़ेगी। झारखंड के सरकारी विद्यालयों में एडटेक (एजुकेशन टेक्नोलॉजी) आधारित शिक्षा व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए राज्य स्तर पर रोडमैप तैयार किया जा रहा है। 

इसका उद्देश्य कक्षाओं में डिजिटल संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल बढ़ाने के साथ शिक्षकों को नई तकनीकों के अनुरूप तैयार करना और विद्यार्थियों की सीखने की जरूरत के अनुसार शिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है। 

यूनिसेफ इंडिया के सहयोग से कर रहा काम 

योजना का असर पलामू समेत राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों पर पड़ने की संभावना है। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (जेईपीसी) इस पहल पर यूनिसेफ इंडिया के सहयोग से काम कर रहा है। 

एडटेक आधारित शिक्षा व्यवस्था की रूपरेखा तैयार करने के लिए बेंगलुरु की संस्था आईटी फॉर चेंज के विशेषज्ञ कंसल्टेंसी सेवाएं दे रहे हैं। संस्था के प्रतिनिधि राज्य में शिक्षण व्यवस्था की मौजूदा स्थिति और तकनीक के इस्तेमाल की संभावनाओं का आकलन कर रहे हैं।

शिक्षकों और शिक्षा विशेषज्ञों से लिया जा रहा फीडबैक

रोडमैप तैयार करने के लिए राज्य के विभिन्न जिलों में शिक्षकों, झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेसीईआरटी) तथा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डाइट) के शिक्षा विशेषज्ञों के साथ फीडबैक सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इसमें स्कूलों में तकनीक के मौजूदा इस्तेमाल, कक्षाओं की जमीनी चुनौतियों और शिक्षकों के अनुभवों पर चर्चा की जा रही है। 

फीडबैक के माध्यम से यह समझने का प्रयास किया जा रहा है कि तकनीक आधारित शिक्षा लागू करने में स्कूलों के सामने किस तरह की व्यावहारिक दिक्कतें हैं। साथ ही विद्यार्थियों और शिक्षकों तक डिजिटल संसाधनों की समान पहुंच सुनिश्चित करने के उपायों पर भी विचार किया जा रहा है। 

डिजिटल शिक्षा व्यवस्था होगी अधिक जवाबदेह

विशेषज्ञों के अनुसार, एडटेक आधारित व्यवस्था लागू होने से सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को अधिक व्यवस्थित, जवाबदेह और साक्ष्य आधारित बनाने में मदद मिल सकती है। डिजिटल संसाधनों के माध्यम से विद्यार्थियों के सीखने के स्तर का आकलन कर उनकी जरूरत के अनुसार शिक्षण पद्धति में बदलाव की संभावनाएं बढ़ेंगी। 

रोडमैप लागू होने के बाद शिक्षकों के तकनीकी कौशल को मजबूत करने के साथ कक्षाओं में डिजिटल संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल का रास्ता तैयार होगा। इससे सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को बदलती तकनीकी जरूरतों के अनुरूप तैयार करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

जानें क्या है ‘एडटेक’

‘एडटेक’ यानी शिक्षा प्रौद्योगिकी ऐसी व्यवस्था है, जिसमें पारंपरिक शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कंप्यूटर, सॉफ्टवेयर, इंटरनेट, टैबलेट और अन्य डिजिटल उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है। डिजिटल प्लेटफॉर्म, वीडियो, इंटरैक्टिव कंटेंट और ऑनलाइन संसाधनों के जरिए कठिन विषयों को भी विद्यार्थियों के लिए आसान और रुचिकर बनाने का प्रयास किया जाता है। 

एडटेक में इंटरैक्टिव व्हाइटबोर्ड, डिजिटल कंटेंट और एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) आधारित टूल्स का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे विद्यार्थियों की सीखने की गति और जरूरत के अनुसार शिक्षण को अधिक व्यक्तिगत बनाने की संभावना बढ़ती है। वहीं, तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल से शिक्षकों को विद्यार्थियों की सीखने की प्रगति पर अधिक ध्यान देने में मदद मिल सकती है।

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