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पाकुड़ में एंबुलेंस संकट: 13 में से सिर्फ 3 चालू, कर्मचारियों ने दी हड़ताल की चेतावनी

Published: Sat, 17 Oct 2026 06:29 PM (IST)

पाकुड़ में 13 में से केवल तीन एंबुलेंस चालू होने से मरीजों को परेशानी हो रही है, जिससे उन्हें निजी ...और पढ़ें

पाकुड़ में बेकार पड़ी एंबुलेंस। (फोटा जागरण)

पाकुड़ में बेकार पड़ी एंबुलेंस। (फोटा जागरण)

चंदन रक्षित, पाकुड़। झारखंड के पाकुड़ जिले की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के बीच एंबुलेंस की कमी मरीजों की परेशानी बढ़ा रही है। मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने के लिए सरकार की ओर से जिले को 13 एंबुलेंस उपलब्ध कराई गई हैं, लेकिन मरम्मत के अभाव में इनमें से अधिकतर बेकार पड़ी हैं।

स्थिति यह है कि महज तीन एंबुलेंस ही मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए चल रही हैं। ऐसे में आपात स्थिति में मरीजों को समय पर एंबुलेंस सेवा नहीं मिल पा रही है। परिजनों को मजबूरन निजी वाहनों से मरीजों को अस्पताल पहुंचाना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार, वर्तमान में पाकुड़ सदर अस्पताल, महेशपुर और पाकुड़िया में एक-एक एंबुलेंस संचालित है। जिले के विभिन्न गैराजों में खराब एंबुलेंस मरम्मत के इंतजार में खड़ी हैं।

बताया जा रहा है कि फंड के अभाव में इनकी मरम्मत नहीं हो पा रही है। एंबुलेंस की कमी के कारण 108 नंबर पर काल करने के बाद भी कई बार मरीजों को समय पर सेवा नहीं मिल पाती है।

ब्लैकलिस्टेड होने के बाद भी संचालन का आरोप

झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ, पाकुड़ ने एंबुलेंस संचालन कर रही कंपनी सम्मान फाउंडेशन पर कई आरोप लगाए हैं। संघ का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग ने जिले में एंबुलेंस संचालन की जिम्मेदारी उक्त कंपनी को दी है, जबकि कंपनी को तीन महीने पहले ही ब्लैकलिस्टेड कर दिया गया था।

इसके बावजूद कंपनी के माध्यम से एंबुलेंस का संचालन किया जा रहा है। संघ ने यह भी आरोप लगाया कि चालू एंबुलेंस की स्थिति ठीक नहीं है और समय पर मरम्मत नहीं होने से परेशानी बढ़ रही है।

संघ के अनुसार, चालकों और उपचालकों से 12 घंटे काम लिया जाता है, लेकिन भुगतान आठ घंटे के हिसाब से किया जाता है। मानदेय का भुगतान भी समय पर नहीं हो रहा था।

कर्मचारियों को मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने के लिए दबाव के बीच काम करना पड़ता है। संघ ने चालक-उपचालकों को हेल्थ इंश्योरेंस का लाभ नहीं दिए जाने का मुद्दा भी उठाया है।

21 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

इन्हीं मांगों को लेकर कर्मचारी संघ ने नौ अक्टूबर को काला बिल्ला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया था। संघ के अनुसार, रांची में स्वास्थ्य मंत्री के साथ वार्ता के बाद चालकों और उपचालकों के बकाया मानदेय का भुगतान कर दिया गया है।

हालांकि, अन्य मांगों के समर्थन में संघ ने 21 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। संघ के जिला अध्यक्ष सुजीत मंडल ने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने पर कर्मचारी हड़ताल करेंगे।

विभाग को भेजा गया है पत्र

सिविल सर्जन परवीन कुमार संथालिया ने बताया कि जिले में चार एंबुलेंस के माध्यम से मरीजों को अस्पताल पहुंचाने का काम किया जा रहा है। खराब एंबुलेंस की मरम्मत के लिए विभाग को पत्र भेजा गया है।

उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद जिले में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

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