Pakur News: 14 सालों से एक ही जगह जमे हैं 50 जनसेवक, ट्रांसफर की फाइलों पर जमी धूल
पाकुड़ जिले में 2012 में नियुक्त 86 जनसेवकों में से 50 जनसेवक 14 वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत ...और पढ़ें

पाकुड़ जिला परिषद कार्यालय।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
चंदन रक्षित, पाकुड़। जिले में वर्ष 2012 में कृषि कार्यों के लिए नियुक्त किए गए जनसेवकों का 14 वर्षों बाद भी व्यापक स्तर पर स्थानांतरण नहीं हो सका है। जिला परिषद कार्यालय से नियुक्त 86 जनसेवकों में से 26 दूसरी नौकरी मिलने के बाद इस्तीफा दे चुके हैं, जबकि वर्तमान में 60 जनसेवक जिले के विभिन्न विभागों में कार्यरत हैं।
इनमें से केवल 10 जनसेवकों का ही अब तक स्थानांतरण हुआ है, जबकि 50 जनसेवक वर्षों से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं। जिला परिषद उपाध्यक्ष अशोक भगत ने भी जिप अध्यक्ष को पत्र लिखकर जनसेवकों के स्थानांतरण की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, नियुक्ति के बाद जिला स्थापना समिति की बैठक में जनसेवकों का पहला पदस्थापन किया गया था। वर्ष 2013 में सरकार ने नियमावली में बदलाव करते हुए प्रतिनियुक्ति की जिम्मेदारी जिला परिषद को सौंप दी।
इसके बावजूद वर्षों बीत जाने के बाद भी स्थानांतरण को लेकर ठोस पहल नहीं की गई। वर्तमान में जनसेवक आपूर्ति विभाग, भू-अर्जन विभाग, जिला परिषद कार्यालय तथा विभिन्न प्रखंड कार्यालयों में अलग-अलग जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
स्थानांतरण नहीं होने से निष्पक्षता पर उठ रहे सवाल
लंबे समय तक एक ही स्थान पर कार्यरत रहने से कार्यप्रणाली की निष्पक्षता प्रभावित होने की बात भी सामने आ रही है। वर्ष 2016 में तत्कालीन डीडीसी अजीत शंकर तथा वर्ष 2020 में तत्कालीन डीडीसी अनमोल कुमार सिंह ने स्थानांतरण को लेकर बीडीओ से रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ सका। वर्ष 2022 में जिला परिषद चुनाव के बाद भी इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, लंबे समय तक एक ही स्थान पर पदस्थापना से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलने की आशंका बनी रहती है। वर्ष 2014 में तत्कालीन डीडीसी संजीव शरण ने अपने स्तर से 10 जनसेवकों का स्थानांतरण किया था, लेकिन बाद में कुछ कर्मियों ने विभागीय स्तर पर अपने गृह प्रखंड में पुनः प्रतिनियुक्ति करा ली।
कृषि कार्य से हटाकर दूसरे विभागों में लगाई गई ड्यूटी
जनसेवकों की नियुक्ति मूल रूप से कृषि विभाग के कार्यों के लिए हुई थी, लेकिन बाद में उन्हें अन्य विभागों में लगाया गया। कई जनसेवक पंचायत सेवक, भू-अर्जन शाखा तथा प्रखंड कार्यालयों में कार्यरत हैं।
जिले के छह प्रखंडों में एजीएम का कार्यभार भी जनसेवकों के भरोसे संचालित हो रहा है। हाल ही में पाकुड़ प्रखंड के एजीएम कार्यालय में कार्यरत सुरेश प्रसाद को छोड़कर अन्य एजीएम का स्थानांतरण किया गया है।
जनसेवकों के स्थानांतरण नहीं होने का मामला संज्ञान में आया है। जल्द ही इस दिशा में उचित कार्रवाई की जाएगी। - जुली हेंब्रम, अध्यक्ष, जिला परिषद पाकुड़
| प्रखंड का नाम | कार्यरत जनसेवक |
|---|---|
| पाकुड़ सदर | 07 |
| हिरणपुर | 12 |
| महेशपुर | 13 |
| अमड़ापाड़ा | 13 |
| लिट्टीपाड़ा | 05 |
| पाकुड़िया | 10 |
| कुल | 60 |
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