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कई देशों में खसरा में वृद्धि को लेकर बढ़ी चिंता, झारखंड के 5 जिलों में भी बढ़े मामले

Published: Tue, 12 May 2026 09:35 PM (IST)

पड़ोसी देश बांग्लादेश सहित विश्व के कई देशों में खसरे के बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। झारखंड के ...और पढ़ें

कई देशों में खसरा में वृद्धि को लेकर बढ़ी चिंता, झारखंड के 5 जिलों में भी बढ़े मामले (AI Generated Image)

कई देशों में खसरा में वृद्धि को लेकर बढ़ी चिंता, झारखंड के 5 जिलों में भी बढ़े मामले (AI Generated Image)

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राज्य ब्यूराे, रांची। पड़ोसी देश बांग्लादेश सहित विश्व के कुछ देशों में खसरा (मिजिल्स) के बढ़ते केस ने चिंता बढ़ा दी है। झारखंड के भी पांच जिलों पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, पलामू, गढ़वा एवं पाकुड़ में इसके मामले बढ़े हैं।

इसे देखते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान, झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने सभी सिविल सर्जनों को पत्र भेजकर खसरा का टीकाकरण बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने खसरा के वैश्विक मामले बढ़ने के बाद भारत सरकार के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देश का हवाला देते हुए कहा है कि कई देशों में टीकाकरण कवरेज में गिरावट तथा प्रतिरक्षण अंतर के कारण खसरा का प्रकोप बढ़ा है। पड़ोसी देशों खासकर बांग्लादेश में इसके प्रकोप और मृत्यु के मामलों में वृद्धि हुई है, जो चिंता का विषय है।

अभियान निदेशक ने कहा है कि सीमा पार जनसंख्या की गतिशीलता को देखत हुए भारत में भी खसरे के प्रसार का जोखिम बना हुआ है। उच्च जोखिम आबादी वाले क्षेत्राें में टीकाकरण कवरेज को मजबूत करने तथा सतर्कता बढ़ाने की आवश्यकता है, ताकि इसके प्रकोप को कम किया जा सके।

उन्होंने एमआर विश्लेषण से राज्य के पांच जिलों में भी इसके केस बढ़ने के कारण उन जिलों में विशेष ध्यान देने को कहा है। बताते चलें कि केंद्र ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने खसरा और रूबेला के पूर्ण उन्मूलन के लिए 'राष्ट्रीय रणनीतिक योजना' लागू की है।

इसके तहत सभी राज्यों को अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में 95 प्रतिशत से अधिक टीकाकरण कवरेज प्राप्त करने और खसरा-रूबेला टीके की दो खुराकें सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

22 जिलों में एमआर-2 का कवरेज 95 प्रतिशत से कम

अभियान निदेशक ने कहा है कि बोकारो तथा लातेहार को छोड़कर सभी जिलों में एमआर-2 टीकाकरण का कवरेज 95 प्रतिशत से कम है। साथ ही पहली एवं दूसरी खुराक के बीच ड्राप आउट की भी समस्या है, जिससे पूर्ण प्रतिरक्षण नहीं हो पाता।

साथ ही बीमारी के आउट ब्रेक का खतरा हमेशा बना रहता है। ऐसे में यह आवश्यक है कि सहिया, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम समय-समय पर लाभुकों के ड्यू लिस्ट अपडेट रखें एवं टीकाकरण करना सुनिश्चित करें।

बांग्लादेश से सटे जिले में विशेष सतर्कता के निर्देश

अभियान निदेशक ने बांग्लादेश से सटे जिलों में विशेष सतर्कता बरतने तथा वहां शत-प्रतिशत लाभुकों का टीकाकरण सुनिश्चित करने को कहा है।

साथ ही सभी स्तरों पर खसरा के मामलों का व्यापक विश्लेषण कर सिविल सर्जनों को माइक्रो प्लान अपडेट कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है। साथ ही साप्ताहिक समीक्षा करने के भी निर्देश सिविल सर्जनों को दिए हैं।