लातेहार में दोस्त को डूबता देख बचाने के लिए पानी में कूदा आशिक, दोनों की गई जान; 24 घंटे बाद मिले शव
लातेहार के पातम-डाटम जलप्रपात में दोस्त को डूबता देख बचाने गए आशिक अंसारी और आरिफ कुरैशी की जान चली गई। ...और पढ़ें

दोनों लोगों की तलाश में जुटी एनडीआरएफ की टीम। जागरण
HighLights
दोस्त को बचाने में दोनों युवक डूबे।
पातम-डाटम जलप्रपात में हुई दुखद घटना।
संवाद सूत्र, हेरहंज (लातेहार)। कहते है जब सब आपके खिलाफ होते है तो एक सच्चा दोस्त हमेशा साथ देता है। चाहे आपकी जिंदगी में कोई भी मुसीबत क्यों ना आए, वो हमेशा साथ रहेगा। वैसा ही कुछ लातेहार में हुआ है, जहां अपने दोस्त को डूबता देख आशिक अंसारी से रहा नहीं गया और उसे बचाने की उम्मीद में वह भी गहरे पानी में उतर गया।
उसका इरादा दोस्त की जान बचाने का था, लेकिन पानी की गहराई ने दोनों को ऐसा निगला कि फिर बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। रविवार को पातम-डाटम जलप्रपात में डूबे दोनों युवकों के शव सोमवार को करीब 24 घंटे की तलाश के बाद राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम ने पानी से बाहर निकाले।
इस हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। मृतकों की पहचान पांकी थाना क्षेत्र के रनेभरी निवासी इम्तियाज अंसारी के 20 वर्षीय पुत्र आशिक अंसारी और बालूमाथ के रहमत नगर निवासी जाकिर कुरैशी के 20 वर्षीय पुत्र आरिफ कुरैशी के रूप में हुई है। दोनों की उम्र अभी जिंदगी के सपने बुनने की थी, लेकिन जलप्रपात का गहरा पानी उनकी जिंदगी का आखिरी पड़ाव बन गया।
दोस्त को डूबता देख खुद भी गहरे पानी में उतरा आशिक
मिली जानकारी के अनुसार, रविवार को करीब 11 बजे दोनों युवक अपने दोस्तों के साथ डाटम-पातम जलप्रपात घूमने पहुंचे थे। घूमने के दौरान दोनों नहाने के लिए गहरे पानी में उतर गए। इसी दौरान आरिफ कुरैशी गहराई में डूबने लगा। उसे संकट में देख आशिक अंसारी उसे बचाने के लिए आगे बढ़ा। मगर दोस्त को बचाने की कोशिश में आशिक भी गहरे पानी में फंस गया। देखते ही देखते दोनों पानी में समा गए।
एक पल पहले तक साथ घूम रहे दो दोस्तों के अचानक डूब जाने से उनके साथ आए लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलने पर हेरहंज पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों युवकों की तलाश शुरू कराई। पानी की गहराई के कारण तलाशी अभियान चुनौतीपूर्ण बना रहा। आखिरकार सोमवार को एनडीआरएफ की टीम ने करीब 24 घंटे बाद दोनों शवों को बाहर निकाला।
24 घंटे की तलाश के बाद खत्म हुई उम्मीद, स्वजन की आंखें नम
दोनों युवकों के शव बाहर निकाले जाने के दौरान घटनास्थल पर उनके स्वजन और आसपास के ग्रामीण मौजूद थे। जिन अपनों के सुरक्षित लौटने की उम्मीद में परिवार की निगाहें टिकी थीं, उनके शव सामने आने से माहौल गमगीन हो गया।
हादसे ने दो परिवारों को ऐसा दुख दिया, जिसकी भरपाई संभव है। इस मौके पर हेरहंज प्रखंड विकास पदाधिकारी अमित कुमार, अंचल अधिकारी दिवाकर और थाना प्रभारी सत्येंद्र कुमार पुलिस बल के साथ मौजूद थे। पुलिस ने घटना के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की।
