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नामकरण की खुशियां मातम में बदलीं: समारोह में आए 4 साल के मासूम की खुले नाले में डूबने से मौत

Published: Sat, 24 Oct 2026 10:24 PM (IST)

रामपुर के करीमपुर गांव में नामकरण संस्कार में शामिल होने आए 4 वर्षीय तन्नू की खुले नाले में डूबने से ...और पढ़ें

मृतक तन्नू का फाइल फोटो: स्वजन

मृतक तन्नू का फाइल फोटो: स्वजन

HighLights

  1. इकलौते बेटे की मौत से परिवार में मचा कोहराम, मासूम की मौत खुशियां मातम में बदलीं

संवाद सूत्र, मसवासी (रामपुर)। रिश्तेदारी में नामकरण संस्कार में शामिल होने आए चार वर्षीय तन्नू की खुले नाले में डूबने से मौत हो गई। इकलौते बेटे की मौत से स्वजन में चीत्कार मच गई। घटना शनिवार शाम छह बजे करीमपुर गांव में हुई।

गांव निवासी अरुण कुमार के घर उनके बेटे का नामकरण संस्कार था। इसमें उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के सुल्तानपुर पट्टी क्षेत्र के दभौरा टांडा निवासी राकेश कुमार अपने बेटे अमित और पोते तन्नू के साथ आए थे।

राकेश कुमार अरुण के फुफेरे भाई हैं। बताया जाता है कि खेलते समय तन्नू घर के पास खुले नाले में गिर गया। काफी देर तक तन्नू नहीं दिखा तो परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। करीब दो घंटे खोजने के बाद भी उसका पता नहीं चला।

इसके बाद गांव के मंदिर से बच्चे को तलाशने के लिए अनाउंसमेंट कराया गया। परिवार और ग्रामीण खोजबीन कर रहे थे, तभी नाले में उसकी सैंडल उतराती हुई दिखाई दी। तलाश करने पर तन्नू नाले में डूबा मिला।

उसे बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। तन्नू अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। मां रोते-रोते कई बार बेहोश हो गई।

अरुण कुमार के घर सुबह से नामकरण समारोह की तैयारियां चल रही थीं और परिवार में खुशी का माहौल था। तन्नू की मौत की खबर मिलते ही समारोह की खुशियां मातम में बदल गईं। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।

पहले भी नाले में गिरने से दो की हो चुकी है मौत

नाले में गिरने से मौत होने के हादसे पहले भी हो चुके हैं। थाना गंज के मुहल्ला सतूने संग नई बस्ती में तेज बारिश के दौरान एक 12 वर्षीय बालक की नाले में गिरने से मौत हो गई।

उसका शव दूसरे क्षेत्र के नाले से अगले दिन की सुबह में बरामद हुआ था। हादसे के वक्त बालक अन्य बच्चों के साथ बरिश में कहीं जा रहा था। अचानक पैर फिसलने पर वह नाले में गिर गया था।

पानी का बहाव तेज होने पर बह गया था और लापता होने के बाद अगले दिन उसका शव दूसरे क्षेत्र में मिला था। इसी तरह का एक हादसा बारिश के दौरान ग्राम अजीतपुर में हुआ था।

यहां तेज बारिश में स्कूल से घर लौटते समय छात्र नाले में गिर कर लापता हो गया था। उसका शव भी कुछ फासले पर चार घंटे बाद मिल सका था। ध्यान देने की बात यह है कि हादसों में मौत होने के बाद भी आबादी वाले क्षेत्रों में खुले नालों को बंद नहीं कराया जा सका है।

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