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नालंदा में हॉस्टल से 15 वर्षीय छात्र लापता, नदी में डूबने की सूचना से हड़कंप; परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

Published: Fri, 23 Oct 2026 09:49 PM (IST)

नालंदा के दीपनगर स्थित सनबीम सेंट्रल स्कूल के हॉस्टल से 15 वर्षीय छात्र आनंद कुमार संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो ...और पढ़ें

मृतक की फाइल फोटो

मृतक की फाइल फोटो

HighLights

  1. नालंदा के हॉस्टल से 15 वर्षीय छात्र आनंद लापता।

  2. स्कूल ने भागने और डूबने की दी अलग-अलग सूचना।

  3. परिजनों ने हत्या की आशंका जताकर सड़क जाम की।

संवाद सूत्र,बिहारशरीफ(नालंदा)। नालंदा जिले के दीपनगर थाना क्षेत्र के कोसुक स्थित सनबीम सेंट्रल स्कूल के हॉस्टल से आठवीं कक्षा का एक छात्र संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया। दुर्गापूजा की छुट्टी के बाद स्वजन उसे हॉस्टल छोड़कर घर लौट ही रहे थे कि स्कूल प्रबंधन की ओर से पहले उसके भागने और फिर पंचाने नदी में डूबने की सूचना दी गई।

अलग-अलग सूचनाएं मिलने से स्वजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उन्होंने छात्र की हत्या की आशंका जताते हुए बिहारशरीफ-राजगीर मुख्य मार्ग को कोसुक गांव के समीप जाम कर दिया।

सूचना मिलने पर चार थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। देर शाम तक छात्र का कोई सुराग नहीं मिला था। नदी में स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश की गई। स्थिति को देखते हुए एसडीआरएफ की टीम को भी बुलाया गया।

चार वर्षों से हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा था छात्र

लापता छात्र की पहचान पटना जिले के अथमलगोला थाना क्षेत्र के बुढ़रा गांव निवासी किसान आलोक राज के 15 वर्षीय पुत्र आनन्द कुमार के रूप में हुई है।

वह दो भाइयों में बड़ा है और उसकी चार बहनें हैं। आनन्द पिछले चार वर्षों से इसी आवासीय विद्यालय के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा था।

छात्र के पिता ने बताया कि वह दोपहर करीब एक बजे बेटे को हॉस्टल छोड़कर घर लौटने के लिए निकले थे। उस समय आनन्द सामान्य और खुश था।

पिता के अनुसार, स्कूल के सीसीटीवी फुटेज में भी वह सामान्य दिखाई दे रहा है। ऐसे में कुछ ही देर बाद उसके लापता होने की सूचना मिलने से परिवार परेशान हो गया।

पहले प्रेम-प्रसंग, फिर भागने और नदी में डूबने की सूचना

आलोक राज के अनुसार, हॉस्टल से निकलने के करीब एक घंटे बाद स्कूल के प्रिंसिपल धीरज ने फोन कर बताया कि आनन्द ने किसी लड़की को फोटो भेजी थी और उस लड़की ने जहर खा लिया है। पिता ने जब फोन पर बेटे से बात की तो उसने ऐसी किसी घटना से इनकार किया।

इसके कुछ देर बाद स्कूल प्रबंधन ने फोन कर बताया कि छात्र स्कूल से भाग गया है। पिता ने सीसीटीवी फुटेज देखने की बात कही, लेकिन कुछ ही मिनटों बाद प्रबंधन की ओर से आनन्द के पंचाने नदी में डूबने की सूचना दी गई।

लगातार बदलती सूचनाओं से स्वजन की चिंता बढ़ गई। उन्होंने पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

स्वजन ने स्कूल प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप

छात्र के पिता आलोक राज और चाचा प्रशांत कुमार ने स्कूल प्रबंधन पर हत्या की आशंका जताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि हॉस्टल में सीसीटीवी कैमरे और गार्ड की तैनाती के बावजूद छात्र बाहर कैसे निकल गया, इसकी जांच होनी चाहिए।

स्वजन ने प्रिंसिपल धीरज, शिक्षक कौशल, मनोहर समेत अन्य शिक्षकों पर भी आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि करीब तीन महीने पहले शिक्षकों ने छात्र की पिटाई की थी।

उन्होंने घटना के बाद स्कूल का एक सीसीटीवी कैमरा गायब होने और हॉस्टल में रह रहे अन्य बच्चों पर दबाव बनाए जाने का भी आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही इनकी वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।

नदी किनारे मिली टी-शर्ट, एसडीआरएफ ने संभाला मोर्चा

घटना की सूचना मिलने के बाद स्वजन स्कूल पहुंचे। वहां से कुछ दूरी पर स्कूल के पीछे पंचाने नदी के किनारे छात्र की टी-शर्ट बरामद होने की बात सामने आई। इसके बाद नदी में तलाश अभियान शुरू किया गया।

दीपनगर के अपर थानाध्यक्ष विमलेश कुमार ने बताया कि कुछ स्थानीय लोगों ने बच्चे को नदी की ओर जाते और डूबते देखने की बात कही थी।

इसी सूचना के आधार पर स्कूल को जानकारी दी गई थी। स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में तलाशी अभियान चलाया गया। बाद में एसडीआरएफ की टीम को भी बुलाया गया। देर शाम तक छात्र का पता नहीं चल सका था।

चार थानों की पुलिस पहुंची, बिहारशरीफ-राजगीर मार्ग जाम

छात्र के लापता होने और नदी में डूबने की सूचना के बाद आक्रोशित स्वजन और ग्रामीणों ने बिहारशरीफ-राजगीर मुख्य मार्ग को कोसुक गांव के समीप जाम कर दिया। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन प्रभावित हुआ।

स्थिति को संभालने के लिए दीपनगर, बिहार, लहेरी और पावापुरी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारी आक्रोशित लोगों को समझाकर जाम हटाने का प्रयास करते रहे।

स्वजन का कहना है कि जब तक छात्र का पता नहीं चलता और मामले में उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।

स्कूल प्रबंधन की भूमिका की जांच की मांग

स्वजन ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना के बाद स्कूल के प्रिंसिपल, डायरेक्टर और शिक्षकों के मोबाइल बंद थे और वे मौके पर नहीं मिले। इस संबंध में भी जांच की मांग की गई है।

फिलहाल पुलिस के सामने छात्र का पता लगाने और पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने की चुनौती है। स्कूल प्रबंधन की ओर से दी गई अलग-अलग सूचनाओं, सीसीटीवी फुटेज, नदी किनारे मिली टी-शर्ट और स्वजन के आरोपों की जांच महत्वपूर्ण होगी।

छात्र के लापता होने के पीछे की वास्तविक वजह और लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

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