सड़क की उम्र 3 साल, हाल दशकों पुराना; बालूमाथ-चतरा मार्ग पर जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर लोग
बालूमाथ-चतरा सड़क का निर्माण तीन साल पहले हुआ था, लेकिन भारी वाहनों के दबाव और खराब रखरखाव के कारण यह गड्ढों से भर गई है।

बालूमाथ-चतरा मार्ग (एआई जेनरेटेड तस्वीर)
HighLights
बालूमाथ-चतरा सड़क तीन साल में ही गड्ढों से भर गई।
भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क की हालत खराब हुई।
ग्रामीण सड़क की स्थायी मरम्मत की मांग कर रहे हैं।
संवाद सूत्र, बालूमाथ (लातेहार)। सड़क बनी थी तो उम्मीद थी कि बालूमाथ से चतरा का सफर आसान होगा। मगर निर्माण के तीन साल बाद ही यह उम्मीद गड्ढों में धंसती नजर आ रही है। वर्ष 2021 में बनी बालूमाथ-चतरा सड़क की परत कई जगह उखड़ चुकी है। कहीं छोटे तो कहीं बड़े गड्ढे राहगीरों की राह रोक रहे हैं।
सड़क का यह हाल देखकर सहज ही सवाल उठता है कि आखिर तीन साल में सड़क इतनी कमजोर कैसे हो गई। इस मार्ग पर भारी वाहनों की लगातार आवाजाही होती है। वाहनों के बढ़ते दबाव के बीच सड़क के कमजोर हिस्से टूटते गए और गड्ढे फैलते गए।
छोटे वाहन चालकों के लिए सबसे बड़ी परेशानी इनसे बचकर निकलना है। सामने से भारी वाहन आ जाए तो गड्ढे से बचने की जगह और कम हो जाती है। दोपहिया चालक जरा सी चूक में असंतुलित हो सकते हैं।
वर्षा आते ही गड्ढे बन जाते हैं छिपे हुए खतरे
वर्षा के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है। पानी भरने के बाद गड्ढों की गहराई दिखाई नहीं देती। दूर से सड़क समतल नजर आती है, लेकिन वाहन का पहिया पड़ते ही झटका अपनी गहराई बता देता है। यही वजह है कि इस मार्ग पर सफर करने वालों को हर खराब हिस्से के पास रफ्तार कम करनी पड़ती है।
सड़क की उम्र तीन साल, मगर हाल कई दशक पुराना
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के निर्माण को अभी बहुत अधिक समय नहीं हुआ है। इसके बावजूद सड़क की परत उखड़ना और जगह-जगह गड्ढे बनना चिंता का विषय है। उनका कहना है कि सड़क का निर्माण जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही जरूरी समय पर उसकी देखरेख और मरम्मत भी है। छोटी खराबी को समय रहते ठीक किया जाता तो वह आज बड़ी समस्या नहीं बनती।
ग्रामीणों ने कहा सड़क की हो स्थायी मरम्मत
पूर्व उपप्रमुख संजीव कुमार सिन्हा, रवि कुमार, सुनील पाण्डेय, मो. मुनीर, मो. अब्दुल, आनंद कुमार, समेत कई ग्रामीणों ने कहा कि बालूमाथ-चतरा मार्ग क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। रोजाना इस पर छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं।
सड़क की बदहाली अब केवल आवागमन की परेशानी नहीं रही, यह लोगों की सुरक्षा से जुड़ा सवाल बन चुकी है। हमारी मांग है कि पूरे मार्ग की जांच कराकर क्षतिग्रस्त हिस्सों की स्थायी मरम्मत कराई जाए, ताकि सड़क फिर से लोगों के सफर का सहारा बन सके।
