यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 12, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
लातेहार में स्कूल की छत का प्लास्टर गिरने से दस छात्र घायल
सरकारी स्कूल की छत का प्लास्टर गिरने से दस छात्र घायल हो गए। घटना झारखंड के लातेहार की है।

लातेहार, जेएनएन। झारखंड में आज लातेहार के एक सरकारी स्कूल की छत का प्लास्टर गिरने से सात दस छात्र घायल हो गए। घायलों को नजदीकी अस्पताल में दाखिल कराया गया है।
जानकारी के मुताबिक, लातेहार के प्लस टू बालक स्कूल में यह हादसा हुआ। सभी छात्र 9 सी के हैं। वहीं, हादसे के बाद अस्पताल में दाखिल घायल छात्रों को देखने डीएसई मसूदी टुड्डू पहुंचे हैं।
लातेहार सदर प्रखंड स्थित बालक उच्च विद्यालय भवन की गुणवत्ता की उस समय पोल खुल गई, जब स्कूल में पढ़ रहे बच्चों के साथ एक बड़ा हादसा हो गया। कक्षा नौ सी में बैठे बच्चों पर अचानक ऊपर से छत का प्लास्टर टूट कर जा गिरा। इस दौरान 10 बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना के बाद स्कूल प्रबंधन ने आनन-फानन में सभी घायल बच्चों को लातेहार सदर अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया।
ये बच्चे हुए जख्मी
सुरेश उरांव जलता, शैलेंद्र उरांव ललमटिया और अनुज कुमार कल्याणपुर को अधिक चोट लगी है। जबकि आनंद यादव होटवाग, दीपक उरांव बालूमाथ, बंगाली सिंह नावाडीह, वाजिद अलि निदिंर और प्रकाश पासवान पेशरार को हल्की चोट आई है। हालांकि चिकित्सकों ने बताया कि सभी छात्र खतरे से बाहर है।
जानिए, क्या कहा बच्चों ने :
स्कूल में पढ़ रहे बच्चों ने बताया कि प्रति दिन हम लोग स्कूल में पढ़ाई कर रहे थे। इसी दौरान स्कूल की छत से प्लास्टर गिरना शुरू हो गया। हमलोग कुछ समझ पाते, तब तक सात बच्चे को गंभीर रूप से घायल हो गए। अब हम लोगों को इस भवन में पढ़ने में काफी डर लगता है और अब हम लोग कहा पढ़ने जाएंगे।
अधिकारियों की टीम ने दी क्लीन चिट :
मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने लातेहार जिला के सभी अस्पताल और विद्यालय भवन में कराए जा रहें कार्यों का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। लातेहार सदर अस्पताल और बालक उच्च विद्यालय का निरीक्षण दो बार किया जा चुका है। 29 अगस्त को अपर समाहर्ता नेलशम एयोन बागे, डीई ओ निरजा कुजूर और भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता ने निरीक्षण कर कार्य पर संतोष जताया था।
वहीं, भवन निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता विनय कुमार सिन्हा ने 7 सितंबर को विद्यालय भवन का जायजा लिया था। दोनों बार किए गए निरीक्षण का संतोषप्रद रिपोर्ट मुख्य सचिव को भेजा जा चुका है। अब सवाल यह है कि जब अभियंताओं द्वारा निरीक्षण के बाद भी भवन की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है तो दोषी कौन है।
जानिए, क्या कहते हैं अधिकारी :
जिला शिक्षा अधीक्षक मसूदी टुडू ने कहा कि पूरे मामले से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। संवेदक की लापरवाही साफ दिखाई पड़ती है। विभाग को कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।
Jharkhand: 7 students injured after a portion of the roof of a govt school in Latehar district collapsed; injured admitted to hospital pic.twitter.com/lQ4gUz58SM
— ANI (@ANI) September 12, 2017
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