नई अमृत भारत एक्सप्रेस: धनबाद-एलेप्पी एक्सप्रेस की तुलना में लंबी यात्रा और अधिक किराया
नई अमृत भारत एक्सप्रेस धनबाद से कोयंबटूर तक की सबसे लंबी दूरी की ट्रेन होगी, लेकिन काटपाड़ी जाने वाले यात्रियों ...और पढ़ें

एलेप्पी की तुलना में यात्रा होगी लंबी।
HighLights
नई अमृत भारत एक्सप्रेस धनबाद से सबसे लंबी दूरी की ट्रेन।
काटपाड़ी के लिए 44 घंटे 20 मिनट की थकाऊ यात्रा।
धनबाद-एलेप्पी से 50-75 रुपये अधिक किराया चुकाना होगा।
संवाद सहयोगी, झुमरीतिलैया (कोडरमा)। धनबाद रेल मंडल की झोली में कोडरमा हजारीबाग रोड व झारखंड के अन्य स्टेशनों आई नई अमृत भारत एक्सप्रेस भले ही धनबाद-एलेप्पी एक्सप्रेस पर पड़नेवाली बोझ को हल्का करेगी, लेकिन काटपाड़ी जानेवाले मरीजों के लिए नई अमृत भारत की यात्रा बोझिल होगी।
काटपाड़ी 44 घंटे 20 मिनट की थकाऊ यात्रा के साथ-साथ इस ट्रेन से यात्रा करने वाले यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त किराए का बोझ पड़ने लगा है। शनिवार से शुरू हुई नई अमृत भारत एक्सप्रेस में धनबाद-एलेप्पी एक्सप्रेस की तुलना में काटपाड़ी जाने के लिए 50-75 रुपए अधिक किराया चुकाना होगा।
वापसी में कोयंबटूर से 25 अगस्त से हर मंगलवार को नई अमृत भारत एक्सप्रेस चलेगी। धनबाद, कोडरमा, गया जंक्शन होकर की सबसे लंबी दूरी की ट्रेन बनी नई अमृत भारत एक्सप्रेस कोडरमा गया, डीडीयू, सतना, जबलपुर, विजयवाड़ा, काटपाड़ी, जोलारपेट्टई, सलेम, तिरुप्पुर रुकते हुए 50 घंटा 20 मिनट में 2983 किलोमीटर की यात्रा तय करते हुए कोयंबटूर पहुंचेगी।
नई अमृत भारत धनबाद से खुलने वाली सबसे लंबी दूरी की ट्रेन होगी। इससे पहले धनबाद-साहूजी महाराज कोल्हापुर दीक्षाभूमि एक्सप्रेस 2584 किलोमीटर का सफर तय कर सबसे लंबी दूरी की ट्रेन थी।
यात्रियों के लिए नया विकल्प
नई अमृत भारत का काटपाड़ी पहुंचने का समय सुविधाजनक यात्रियों की सहूलियत और काटपाड़ी पहुंचने के समय को पैमाना मानें तो 22 अगस्त से शुरू हुई धनबाद-कोयंबटूर अमृत भारत एक्सप्रेस सबसे अच्छी ट्रेन मानी जा रही है। यह ट्रेन 2612 किलोमीटर का सफर तय कर दोपहर 12.30 बजे काटपाड़ी पहुंचेगी।
दोपहर में पहुंचने के कारण वेल्लोर (सीएमसी) जाने वाले मरीजों को होटल और इलाज की सुविध परेशानी नहीं होगी। धनबाद-एलेप्पी एक्सप्रेस सबस किफायती विकल्प है, लेकिन काटपाड़ी पहुंचने का समय यात्रियों के लिए बड़ी चुनौती है।
यह ट्रेन धनबाद से खुलकर 37 घंटे 55 मिनट में अपनी यात्रा पूरा करता है। ट्रेन काटपाड़ी रात के डेढ़ बजे पहुंचाती है। आधी रात का यह समय बुजुर्गों, महिलाओं और मरीजों के लिए असुविधाजनक है।
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