झारखंड में 1600 उपद्रवियों पर FIR: पहले विधानसभा घेराव, अब हेमंत सोरेन के पुतला दहन में झड़प पर सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान हुई हिंसक झड़प के बाद तीन जिलों में 1000 से अधिक ...और पढ़ें

झारखंड में सीएम हेमंत सोरेन के पुतला दहन पर बवाल, 1000 से अधिक उपद्रवियों पर केस।
HighLights
सीएम हेमंत सोरेन के पुतला दहन पर हिंसक झड़प।
तीन जिलों में 1000 से अधिक अज्ञात पर FIR दर्ज।
जेपीएससी, जेएसएससी अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का विरोध।
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) व झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में अनियमितता का विरोध कर रहे छात्रों के आह्वान पर शुक्रवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान हुई हिंसक झड़प मामले में तीन जिलों में 1000 से अधिक अज्ञात उपद्रवियों के विरुद्ध प्राथमिकियां दर्ज की गईं हैं।
ये प्राथमिकियां रांची के कोतवाली, हजारीबाग के कोर्रा व गिरिडीह के नगर थाने में दर्ज कराई गईं हैं। वहीं, दो अन्य जिले गढ़वा व धनबाद में शनिवार की देर शाम तक किसी तरह की कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई थी।
शुक्रवार की शाम पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान रांची के अलबर्ट एक्का चौक के पास हिंसक झड़प मामले में रांची के कोतवाली थाने में 200 अज्ञात उपद्रवियों व 14 नामजद के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है।
हजारीबाग के कोर्रा थाना क्षेत्र स्थित गांधी मैदान में छात्र व प्रशासन टकराव मामले में वहां प्रतिनियुक्ति मजिस्ट्रेट के बयान पर करीब 700 अज्ञात को आरोपित बनाया गया है। गिरिडीह के नगर थाने में छात्र संगठन की ओर से झामुमो जिला अध्यक्ष सहित 11 नामजद व 20 अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
वहीं, दूसरी ओर से झामुमो की ओर से भी 11 नामजद व 10 से 15 अज्ञात को आरोपित बनाया गया है। सभी जगहों पर वीडियो फुटेज, सीसीटीवी फुटेज आदि के आधार पर उपद्रवियों को चिह्नित करने की कार्रवाई चल रही है। राज्य में कई जगह छात्रों और झामुमो कार्यकर्ता के बीच हिंसक झड़पें हुई थीं।
क्या है पूरा मामला?
जेपीएससी और जेएसएससी-सीजीएल परीक्षाओं के रद किए जाने के फैसले पर हाईकोर्ट की रोक के विरोध में शुक्रवार शाम राज्य सरकार का पुतला दहन करने निकले अभ्यर्थियों और कुछ युवक के बीच विवाद के बाद अल्बर्ट एक्का चौक से लेकर वेंडर मार्केट तक हंगामा होता रहा। पूरा क्षेत्र करीब पांच घंटे तक हंगामेदार रहा। इस बीच यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जुलूस के दौरान एक युवक ने पुतला छीन लिया। विरोध करने पर उसने एक छात्रा के साथ धक्का-मुक्की की और एक छात्रा को थप्पड़ मार दिया। घटना के बाद आक्रोशित अभ्यर्थियों ने युवक को पकड़ा और धुनाई कर दी।
इसके बाद फिर पुतला दहन करने के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच भी बहस शुरू हुई और शहीद चौक से वेंडर मार्केट के बीच पुलिस के साथ झड़प हुई। इस दौरान पुलिस बलप्रयोग किया जिसमें दो छात्र घायल हुए, इसमें रविंद्र पासवान और कुणाल शामिल है, इन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अस्पताल में भी छात्रों ने हंगामा करने का प्रयास किया जिसे पुलिस ने शांत करवाया और सभी को अस्पताल से खदेड़ा। बता दें कि विधानसभा घेराव के दिन भी 100 नामजद और 500 अज्ञात पर रांची में एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस पर छात्रों पर ज्यादती का आरोप भाजपा लगा रही है।
