कोडरमा घाटी में अब तेज रफ्तार पर लगेगी लगाम, कैमरों से होगी निगरानी; कटेगा ऑटो चालान
दैनिक जागरण के अभियान के बाद कोडरमा जिला प्रशासन और एनएचएआई ने सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए पहल ...और पढ़ें

जेजे कॉलेज से बागीटांड़ तक सड़क चौड़ीकरण होगा।
HighLights
हादसा संभावित क्षेत्रों में एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगेगा।
जेजे कॉलेज से बागीटांड़ तक सड़क चौड़ीकरण होगा।
सड़क मरम्मत, स्ट्रीट लाइट और एमिनिटीज सेंटर बनेंगे।
संवाद सहयोगी, कोडरमा। कोडरमा घाटी समेत एनएच के दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सड़क हादसों पर नियंत्रण और वाहनों की तेज रफ्तार पर अंकुश लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। बीते एक सप्ताह से घाटी में सड़क हादसों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दैनिक जागरण ने इसपर अभियान चलाते हुए रिपोर्ट की सीरीज प्रकाशित की थी।
कोडरमा जिला प्रशासन व एनएचएआई ने इसके बाद पहल करते हुए सड़क की हालत में सुधार ओर दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में इसकी रोकथाम को लेकर प्रस्ताव तैयार किया है। इसके तहत आनेवाले दिनों एनएच के अधिकांश हिस्सों को एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एटीएमएस) से जोड़ने की योजना है। आधुनिक तकनीक से लैस यह व्यवस्था यातायात को सुरक्षित, सुगम और नियंत्रित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
एटीएमएस के तहत हाईवे पर सर्विलांस कैमरों से वाहनों की निगरानी की जाएगी। विशेष रूप से दुर्घटना संभावित चिह्नित स्थलों पर वाहनों की रफ्तार पर नजर रखी जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों का स्वचालित चालान भी किया जाएगा।
इससे तेज रफ्तार वाहनों पर अंकुश लगाने के साथ सड़क हादसों को कम करने और दुर्घटना की स्थिति में तत्काल सहायता पहुंचाने में मदद
मिलेगी। बताया गया कि वर्तमान में करीब 80 प्रतिशत सड़क हादसों का प्रमुख कारण तेज रफ्तार बन रहा है। इससे जान-माल का भारी नुकसान हो रहा है।
इसी को देखते हुए गत दिनों उपायुक्त स्तर से एनएच के पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। एनएचएआई ने भी इस दिशा में पहल शुरू कर दी है।डीटीओ और पुलिस पदाधिकारी संयुक्त रूप से दुर्घटना संभावित स्थलों का चयन करेंगे, जहां सर्विलांस कैमरे लगाए जाएंगे। हाईटेक निगरानी व्यवस्था के जरिए तेज गति से चलने वाले वाहनों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
जेजे कॉलेज से बागीटांड़ तक चौड़ी होगी सड़क: पीडी
एनएचएआई हजारीबाग के परियोजना निदेशक आशुतोष कुमार ने बताया कि हादसों और जाम पर नियंत्रण के लिए जेजे कालेज से बागीटांड़ तक सड़क चौड़ीकरण की भी तैयारी है। एनएचएआई की ओर से इसका प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भेजा गया है।
वहीं पूरे घाटी में सड़क की मरम्मती पैच वर्क और ओवरले का कार्य जल्द शुरू होगा। इससे आवागमन सुगम होगा। जेजे कॉलेज से कोडरमा बागीटांड़ तक वाहनों का दबाव अधिक रहने के कारण आए दिन जाम की स्थिति बनती है। सड़क चौड़ीकरण से जहां यातायात सुचारु होगा। इसके अलावा जेजे कॉलेज से बागीटांड़ तक सड़क चौड़ीकरण और स्ट्रीट लाइट लगाने की तैयारी है।
ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना संभावित क्षेत्र में कैट आई, सोलर आधारित ब्लिंकर लगाए जाएंगे। इसके अलावा सिटी के अंदर डेढ़-डेढ़ मीटर चौड़ाई बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा अलग-अलग जगह पर लाइट लगाने का प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलती ही कार्य शुरू किए जाएंगे।
राहगीरों के लिए मिलेगा एमिनिटीज सेंटर
लंबी दूरी के वाहन चालकों और यात्रियों को राहत देने के लिए एमिनिटिज सेंटर विकसित करने की भी तैयारी है। इसके लिए भूमि उपलब्ध कराने की मांग की गई है। प्रस्तावित सेंटर में यात्रियों के लिए विश्राम स्थल, भोजन की सुविधा, शौचालय, पार्क और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
एनएचएआई के परियोजना पदाधिकारी ने इसके लिए भूमि की मांग की है। संभावना है कि चंदवारा में भूमि चिह्नित कर एमिनिटिज सेंटर के लिए उपलब्ध कराई जाएगी।
क्या कहते हैं अधिकारी?
उपायुक्त स्तर से एनएचएआई को एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम बहाल करने, जेजे कॉलेज से बागीटांड़ तक सड़क चौड़ीकरण व स्ट्रीट लाइट लगाने तथा एमिनिटिज सेंटर विकसित करने समेत अन्य जरूरी व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। एनएच पर एडवांस कैमरे लगाने की तैयारी है, जिससे वाहनों की रफ्तार पर नजर रखी जा सकेगी।
-विजय सोनी, डीटीओ कोडरमा।
यह भी पढ़ें- कोडरमा में भीड़ की शर्मनाक हरकत! नाबालिग लड़की और 2 लड़कों की निकाली परेड, बीच गांव में खंभे से बांधा
