आदिवासी छात्रा से यौन शोषण: कोडरमा सिविल सर्जन अस्पताल में भर्ती, पीड़िता के बयान और मेडिकल जांच पर सस्पेंस
कोडरमा के सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार यादव को नाबालिग के यौन शोषण मामले में गिरफ्तार कर जेल से अस्पताल ...और पढ़ें

डॉ. अनिल कुमार यादव को रविवार रात कोडरमा सदर अस्पताल के पेइंग वार्ड में भर्ती कराया गया।
HighLights
सिविल सर्जन डॉ. अनिल यादव अस्पताल में भर्ती।
पीड़िता की मेडिकल जांच पर अभी भी सस्पेंस।
न्यायालय में धारा 164 के तहत बयान की तैयारी।
जागरण संवाददाता, कोडरमा। नाबालिग आदिवासी लड़की के कथित यौन शोषण के मामले में गिरफ्तार कोडरमा के सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार यादव को रविवार रात कोडरमा सदर अस्पताल के पेइंग वार्ड में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि कोडरमा मंडल कारा में उनकी तबीयत खराब होने के बाद जेल के डॉक्टर की अनुशंसा पर उन्हें अस्पताल भेजा गया।
हालांकि, उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। इधर, सोमवार को पेइंग वार्ड में उनसे मिलने के लिए कई लोगों के पहुंचने की चर्चा रही। इस दौरान तस्वीर लेने को लेकर स्थानीय पत्रकारों और जेल प्रशासन से जुड़े कर्मियों के बीच विवाद होने की बात सामने आई।
आरोप है कि कुछ लोगों को उनसे मिलने दिया जा रहा था, जबकि पत्रकारों को तस्वीर लेने से रोका गया। इस मामले की शिकायत वरीय अधिकारियों से किए जाने की जानकारी मिली है। जेल भेजने के कुछ घंटे बाद ही डॉक्टर साहब बीमार पड़ गए।
पीड़िता की मेडिकल जांच पर बना सस्पेंस
दूसरी ओर, मामले में पीड़िता की स्थिति को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। रविवार रात उसे सखी वन स्टॉप सेंटर में रखे जाने की जानकारी मिली। अब तक उसकी मेडिकल जांच नहीं होने की बात सामने आ रही है।
सूत्रों के हवाले से जांच कराने से इनकार किए जाने की चर्चा भी है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि पुलिस और प्रशासन की ओर से मेडिकल जांच के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है।
न्यायालय में बयान पर टिकी नजरें
मामले में सोमवार को पीड़िता का सीआरपीसी की धारा 164 के तहत न्यायालय में बयान दर्ज कराने की तैयारी है। पीड़िता इससे पहले हजारीबाग बाल कल्याण समिति और कोडरमा महिला थाना में अपना बयान दे चुकी है। अब न्यायालय में बयान दर्ज होने और मेडिकल जांच की स्थिति पर सबकी नजरें टिकी हैं।
दबाव की चर्चा, जांच में जुटी पुलिस
पीड़िता के परिवार पर विभिन्न स्तरों से दबाव बनाए जाने की चर्चा है। मामले में कुछ राजनीतिक लोगों की सक्रियता की भी बात सामने आ रही है। हालांकि पुलिस के पास कुछ आपत्तिजनक तस्वीरों और वीडियो समेत अहम साक्ष्य होने की जानकारी भी सूत्रों के हवाले से मिल रही है।
ऐसे में जांच की दिशा और उपलब्ध साक्ष्यों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल, आरोपी के अस्पताल में भर्ती होने, पीड़िता की मेडिकल जांच और न्यायालय में बयान की प्रक्रिया को लेकर मामला लगातार चर्चा में है। अब देखना होगा कि जांच की अगली कार्रवाई में कौन-से तथ्य सामने आते हैं और पुलिस पूरे मामले में आगे क्या कदम उठाती है।
