पैरों में स्केटिंग और दिल में नशामुक्ति का संकल्प! 404 दिनों में पूरे भारत का सफर तय कर घर लौटा कोडरमा का लाल
कोडरमा के अजय ने 404 दिनों तक स्केटिंग करते हुए भारत भ्रमण किया, जिसका उद्देश्य सनातन धर्म और नशामुक्ति का ...और पढ़ें
HighLights
अजय ने 404 दिनों तक स्केटिंग कर भारत भ्रमण किया।
सनातन धर्म और नशामुक्ति का संदेश जन-जन तक पहुंचाया।
संवाद सहयोगी, (कोडरमा)। संकल्प मजबूत हो तो रास्ते की मुश्किलें भी मंजिल तक पहुंचने से नहीं रोक सकतीं। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है डोमचांच प्रखंड के छोटे से गांव फुलवरिया निवासी अजय ने। सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और नशामुक्ति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के संकल्प के साथ स्केटिंग करते हुए भारत भ्रमण पर निकले अजय 404 दिनों की लंबी यात्रा पूरी कर वापस लौट आए हैं।
घर से 404 दिनों तक दूर रहकर उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों का भ्रमण किया। इस दौरान 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन, चार धाम की यात्रा और लेह-लद्दाख तक का सफर तय किया।
हर पड़ाव पर दिया नशामुक्ति का संदेश
अजय की यह यात्रा महज देश भ्रमण नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता की एक अनूठी पहल रही। स्केटिंग के दौरान उन्होंने अलग-अलग राज्यों में लोगों से संवाद कर नशे से दूर रहने का संदेश दिया। उनका कहना है कि नशा केवल एक व्यक्ति की जिंदगी बर्बाद नहीं करता, बल्कि इसका असर पूरे परिवार, समाज और देश पर पड़ता है। देश को विकास के पथ पर आगे बढ़ाने के लिए विशेषकर युवाओं को नशे से दूर रहना होगा।

विविधताओं को करीब से जाना, मिला लोगों का प्यार
404 दिनों के सफर में अजय ने संघर्षों के बीच कई पड़ाव पार किए। अलग-अलग भाषा, संस्कृति, रहन-सहन और परंपराओं को नजदीक से जानने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि देश के हर राज्य में लोगों का भरपूर प्यार और सहयोग मिला। इस स्नेह के बदले उन्होंने लोगों को नशामुक्त जीवन अपनाने की प्रेरणा दी।
पांच से 25 और फिर बनेगी एक बड़ी मुहिम
अजय ने कहा कि कोई भी धर्म किसी को नुकसान पहुंचाने या अपमान करने की शिक्षा नहीं देता। सनातन धर्म के मूल भाव को समझते हुए लोगों को एकजुट होना चाहिए।
उनका मानना है कि यदि उनकी मुहिम से पांच लोग भी प्रभावित होते हैं तो वे पांच लोग आगे 25 लोगों को जागरूक कर सकते हैं। इसी तरह जागरूकता की यह श्रृंखला आगे बढ़ेगी और सनातनी एकता के साथ नशामुक्त समाज की परिकल्पना साकार हो सकेगी।
