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कोडरमा सदर अस्पताल की जानलेवा लापरवाही, बिना जांच पेट पर लगा दिए टांके; रांची में निकाला फंसा चाकू

Published: Sat, 17 Oct 2026 02:35 PM (IST)

जयनगर में पति के हमले के बाद घायल महिला के पेट में फंसा चाकू कोडरमा सदर अस्पताल की लापरवाही से ...और पढ़ें

कोडरमा सदर अस्पताल

कोडरमा सदर अस्पताल

HighLights

  1. कोडरमा सदर अस्पताल ने पेट में फंसा चाकू नहीं देखा।

  2. घायल महिला को रांची के निजी अस्पताल ले जाया गया।

  3. ऑपरेशन कर महिला के पेट से चाकू निकाला गया।

जागरण टीम जयनगर/कोडरमा। जयनगर थाना क्षेत्र के ईरगोबाद में गत बुधवार को पत्नी पर जानलेवा हमला करने के मामले में नया खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि धान काटने वाले हंसुए और चाकू से पत्नी पूनम देवी के गले पर वार करने के मामले में पहले घायल महिला को कोडरमा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 

सदर अस्पताल की लापरवाही

हालांकि, महिला के पेट में चाकू फंसे होने की जानकारी सदर अस्पताल में नहीं मिल सकी। पेट के जख्म और रक्तस्राव को रोकने के लिए सदर अस्पताल में जख्म के स्थान पर सिलाई के बाद रेफर कर दिया गया।

बाद में स्वजन उन्हें हजारीबाग मेडिकल कॉलेज ले गए। लेकिन यहां भी महिला की गंभीर हालत को देखते हुए उसे बाहर से ही रेफर कर दिया गया। इसके बाद स्वजन महिला को रांची के एक निजी अस्पताल मेडी फर्स्ट हॉस्पिटल ले गए, जहां सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड जांच में पेट के अंदर चाकू फंसे होने का पता चला। 

ऑपरेशन कर चाकू निकाला गया

बताया जाता है कि चाकू का हत्था (हाथ से पकड़ने वाला भाग) खुलने के बाद चाकू का लोहे का भाग पेट के अंदर ही का खुलकर रह गया था। इसके बाद ऑपरेशन कर चाकू निकाला गया। फिलहाल महिला की स्थिति गंभीर बताई जा रही है और उन्हें निजी अस्पताल के आईसीयू में रखा गया है।

ज्ञात हो कि जयनगर के ईरगोबाद निवासी संतोष पासवान ने अपनी पत्नी पूनम देवी पर धान काटने वाले हंसुए और चाकू से हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल पूनम किसी तरह कमरे से बाहर निकलीं और शोर मचाया। 

आवाज सुनकर पहुंचे स्वजनों और ग्रामीणों ने उन्हें खून से लथपथ देखा और एंबुलेंस की मदद से कोडरमा सदर अस्पताल पहुंचाया। घटना की सूचना पर पहुंची जयनगर पुलिस ने आरोपित पति संतोष पासवान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

सदर अस्पताल की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल 

घटना के बाद महिला के पेट में चाकू फंसे होने की जानकारी सामने आने पर सदर अस्पताल की जांच व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। स्वजजनों का आरोप है कि सदर अस्पताल में इलाज के दौरान इस गंभीर चोट का पता नहीं चल पाया और आनन फानन में कोडरमा सदर अस्पताल से उसे हजारीबाग मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। 

हजारीबाग मेडिकल कॉलेज में भी उसे भर्ती नहीं लेकर रेफर कर दिया गया। इसके बाद रांची में निजी अस्पताल में जांच के दौरान पेट में चाकू का पता चला और ऑपरेशन कर उसे निकाला गया। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर भी स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

पति की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने का दावा 

आरोपित संतोष पासवान के बड़े भाई राजकुमार पासवान ने बताया संतोष की मानसिक स्थिति एक महीने से ठीक नहीं थी। उसे रांची रिनपास ले जाने की तैयारी थी लेकिन इस बीच यह घटना हो गई। 

उन्होंने कहा कि महिला का इलाज उनके ससुराल वाले और मायके वाले मिलकर कर रहे हैं। उनका आपस में कोई भी विवाद नहीं है। इलाज में 5 लाख से ज्यादा खर्च हो गया। वे लोग काफी गरीब परिवार के हैं ऐसे में सरकारी अस्पताल की इस तरह की लापरवाही और इलाज में उदासीनता के कारण उन्हें निजी अस्पताल में जाना पड़ा।

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