नौ बेटियों के सिर से उठा मां का साया, जामताड़ा में जिस आंगन में गूंजनी थी शहनाई वहां पसरा मातम
जामताड़ा के नौहथिया गांव में मनोज रजवार ने अपनी पत्नी बसंती देवी की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी, जिसके बाद खुद भी आत्महत्या का प्रयास किया।
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एआई द्वारा जेनरेट इमेज।
HighLights
पति मनोज ने कुल्हाड़ी से पत्नी बसंती देवी की हत्या की।
नौ बेटियों की मां बसंती परिवार का बोझ उठा रही थी।
बेरोजगारी और बेटियों की शादी को लेकर हुआ था विवाद।
राजेश तिवारी, मुरलीपहाड़ी (जामताड़ा)। सात बेटियों की शादी के सपने संजोए एक मां की जिंदगी उसी घर में खत्म हो गई, जिसके भविष्य को संवारने के लिए वह दिन-रात मेहनत कर रही थी।
बेटियों के हाथ पीले करने की चिंता और पति की बेरोजगारी को लेकर उठे सवालों का अंत गुरुवार की रात एक खौफनाक वारदात में हुआ।
नारायणपुर थाना क्षेत्र के नौहथिया गांव में मनोज रजवार ने कुल्हाड़ी से वार कर अपनी पत्नी बसंती देवी की हत्या कर दी। पत्नी की सांसें छिन जाने के बाद उसने खुद भी चाकू से अपने गले पर वार कर लिया।
जिस घर में दो बेटियों की शादी की तैयारियों की चिंता होनी थी, वहां अब मातम पसरा है। नौ बेटियों के सिर से मां का साया उठ चुका है।
काम पर नहीं जाने पर मायके में शिकायत करने से था नाराज
स्वजनों के अनुसार, मनोज रजवार अक्सर अपनी पत्नी से कहता था कि जब वह रोजगार करने नहीं जाता है तो वह इसकी शिकायत मायके और अन्य रिश्तेदारों के यहां क्यों करती हो।
वह पत्नी से कहता था, मैं रोजगार के लिए नहीं जाता हूं तो मेरी शिकायत मायके तथा मेहमानों के यहां करती हो। अपनी बेइज्जती बर्दाश्त नहीं करूंगा। तुम्हें सबक सिखाकर रखूंगा। बताया जाता है कि घटना से पहले भी घर में इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई थी।
नौ बेटियों की मां अकेले उठा रही थी परिवार का बोझ
बसंती देवी नौ बेटियों की मां थी। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी। पति के नियमित रूप से रोजगार नहीं करने के कारण परिवार के भरण-पोषण की पूरी जिम्मेदारी बसंती देवी के कंधों पर थी।
वह कभी खेत-खलिहान में मजदूरी करती थी तो कभी दूसरे काम करके परिवार चलाती थी। इस कठिन परिस्थिति में उसकी एक बेटी भी मां का सहारा बनी हुई थी।
वह हैदराबाद में काम कर परिवार की आर्थिक मदद कर रही थी। मां-बेटी मिलकर परिवार की जिम्मेदारियां निभा रही थी।
दो बेटियों की शादी की चिंता भी बन रही थी विवाद की वजह
बताया जाता है कि हाल के महीनों में मनाेज की दो बेटियों की शादी होनी थी। बसंती देवी अक्सर पति से कहती थी कि बेटियों का विवाह करना है।
छह महीने से घर में बैठे रहने से काम नहीं चलेगा। यदि रोजगार नहीं करेंगे तो शादी का खर्च कहां से आएगा। पत्नी की यही बातें मनोज को नागवार गुजरती थीं और वह गुस्से में आ जाता था।
ससुराल में भी कर चुका था शर्मनाक हरकत
साला के अनुसार, दुर्गापूजा के बाद मनोज पत्नी के साथ अपनी ससुराल गया था। वहां भी उसने कथित रूप से अपने साले का मोबाइल चुरा लिया और लेकर फरार हो गया था।
इसके अलावा उसे शराब पीने की भी आदत थी। आरोप है कि घर में खाने-पीने की सामग्री की कमी रहती थी, लेकिन शराब के लिए वह किसी न किसी तरह पैसे का इंतजाम कर लेता था।
पीएमसीएच में मनोज की हालत स्थिर
पत्नी की हत्या के बाद खुद को चाकू मारकर घायल करने वाला मनोज फिलहाल पीएमसीएच धनबाद में पुलिस की निगरानी में इलाजरत है। पुलिस के अनुसार उसकी स्थिति स्थिर है और वह खतरे से बाहर बताया जा रहा है।
महिला के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। पत्नी की हत्या का आरोपित मनोज रजवार पुलिस अभिरक्षा में इलाजरत है। उसके ठीक होने के बाद बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मुराद हसन, थाना प्रभारी, नारायणपुर
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