जमशेदपुर: धालभूमगढ़ एयरपोर्ट की अड़चनें होंगी दूर, MP विद्युत जल्द करेंगे केंद्रीय मंत्री से मुलाकात
सांसद विद्युत वरण महतो धालभूमगढ़ एयरपोर्ट निर्माण की बाधाएं दूर करने के लिए सक्रिय हो गए हैं। वे नवरात्र के ...और पढ़ें

धालभूमगढ़ एयरपोर्ट निर्माण की राह होगी आसान, सांसद महतो करेंगे केंद्रीय मंत्री से मुलाकात
HighLights
सांसद महतो नवरात्र बाद केंद्रीय मंत्री से मिलेंगे।
धालभूमगढ़ एयरपोर्ट की अड़चनें दूर करने की पहल।
झारखंड सरकार की 11 माह की देरी पर चिंता।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। धालभूमगढ़ एयरपोर्ट के निर्माण का रास्ता साफ कराने के लिए सांसद विद्युत वरण महतो ने पहल तेज कर दी है। झारखंड सरकार के पर्यावरण विभाग की ओर से अपना मंतव्य भेजे जाने के बाद अब केंद्र सरकार के स्तर पर लंबित प्रक्रियाओं को जल्द पूरा कराने की कवायद की जा रही है।
सांसद ने कहा कि नवरात्र के बाद वे स्वयं दिल्ली जाकर केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री से मुलाकात करेंगे। इस दौरान मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर परियोजना से जुड़ी अड़चनों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर बिष्टुपुर स्थित होटल रमाडा में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सांसद ने कहा कि धालभूमगढ़ एयरपोर्ट क्षेत्र के विकास और हवाई संपर्क के लिहाज से महत्वपूर्ण परियोजना है। इसके निर्माण में अब अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के महानिदेशक (डीजी) और महानिरीक्षक (आइजी) स्तर के दोनों वरिष्ठ अधिकारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उनकी जगह नए अधिकारियों ने कार्यभार संभाला है। ऐसे में नए अधिकारियों और संबंधित केंद्रीय मंत्री के साथ बैठक कर मामले के शीघ्र निष्पादन का प्रयास किया जाएगा।
11 माह में जवाब देने की प्रक्रिया पर जताई चिंता
सांसद ने कहा कि उन्होंने मंत्रालय के अधिकारियों से स्पष्ट रूप से कहा है कि छोटी-मोटी आपत्तियों के कारण परियोजना को लंबित न रखा जाए। किसी भी तरह की आपत्ति होने पर पत्राचार की लंबी प्रक्रिया में जाने के बजाय संबंधित बिंदुओं का त्वरित समाधान निकाला जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पिछले मामले में झारखंड सरकार की ओर से जवाब भेजने में करीब 11 माह का समय लग गया था। ऐसी स्थिति दोबारा नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस परियोजना का शिलान्यास कर चुके हैं। ऐसे में एयरपोर्ट निर्माण की दिशा में आगे की प्रक्रिया को गति देना जरूरी है।
सांसद के अनुसार, धालभूमगढ़ एयरपोर्ट से जमशेदपुर के साथ पश्चिम बंगाल के खड़गपुर और ओडिशा के बालेश्वर जैसे क्षेत्रों को भी लाभ मिल सकता है।
सड़क और रेल नेटवर्क से मिलेगी कनेक्टिविटी
सांसद ने एयरपोर्ट की उपयोगिता बताते हुए कहा कि प्रस्तावित स्थल के करीब 500 मीटर की दूरी पर राष्ट्रीय राजमार्ग और लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर रेलवे स्टेशन है। सड़क और रेल नेटवर्क की निकटता से यात्रियों की आवाजाही और क्षेत्रीय संपर्क को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय नागरिक विमानन मंत्री ने उनसे स्वीकृत जमीन उपलब्ध कराने को कहा है। मंत्री ने आश्वस्त किया है कि जमीन उपलब्ध होने पर चार माह के भीतर एयरपोर्ट निर्माण का काम शुरू कराया जाएगा। सांसद ने एयरपोर्ट निर्माण का काम किसी बड़ी कंपनी को सौंपने की इच्छा भी जताई।
उन्होंने कहा कि अडानी जैसी बड़ी कंपनी को जिम्मेदारी मिलने पर निर्माण कार्य को गति देने और परियोजना के क्रियान्वयन के दौरान आने वाली छोटी-बड़ी बाधाओं के प्रबंधन में मदद मिल सकती है।
1200 करोड़ की विकास योजनाएं जल्द उतरेंगी धरातल पर
सांसद विद्युत वरण महतो ने बताया कि उनके संसदीय क्षेत्र में करीब 1200 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं पर काम आगे बढ़ने वाला है। इनमें रेलवे से जुड़ी परियोजनाएं प्रमुख हैं।
उन्होंने बताया कि टाटानगर रेलवे स्टेशन के री-डेवलमेंट के अलावा दूसरे चरण में 200 करोड़ रुपये से चार नए प्लेटफॉर्म का निर्माण सहित लगभग 337 करोड़ रुपये की लागत से वंदे भारत ट्रेन डिपो का निर्माण प्रस्तावित है।
वहीं, लगभग 194 करोड़ रुपये में गोविंदपुर-बारीगोड़ा रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण भी प्रमुख परियोजनाओं में शामिल है। सांसद ने कहा कि इन योजनाओं को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। इनके क्रियान्वयन से रेलवे की आधारभूत संरचना मजबूत होने के साथ क्षेत्र में आवागमन की सुविधा भी बेहतर होगी।
उन्होंने बताया कि गोविंदपुर ओवरब्रिज क्षेत्र में 30 मकानों को जमींदोज किया जाना है। स्थानीय महिलाएं उनके पास आकर छठ तक किसी तरह का अतिक्रमण नहीं हटाने का आग्रह किया है।
यह भी पढ़ें- Dhalbhumgarh Airport : 240 नहीं अब 540 एकड़ भूमि पर आकार लेगा कोल्हान का नया एविऐशन हब
यह भी पढ़ें- धालभूमगढ़ एयरपोर्ट निर्माण में तेजी लाने की मांग, वंदे भारत कोचिंग डिपो टाटा नगर के लिए बड़ी सौगात
