धालभूमगढ़ एयरपोर्ट निर्माण में तेजी लाने की मांग, वंदे भारत कोचिंग डिपो टाटा नगर के लिए बड़ी सौगात
सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स ने सांसद बिद्युत बरण महतो से धालभूमगढ़ एयरपोर्ट निर्माण में तेजी लाने की मांग की। यह ...और पढ़ें

सिंहभूम चैंबर आफ कामर्स का प्रतिनिधिमंडल ने सांसद से की मुलाकात।
HighLights
चैंबर ने सांसद से धालभूमगढ़ एयरपोर्ट निर्माण में तेजी मांगी।
एयरपोर्ट कोल्हान क्षेत्र की हवाई कनेक्टिविटी, औद्योगिक विकास हेतु महत्वपूर्ण।
टाटानगर में वंदे भारत कोचिंग डिपो की मंजूरी पर आभार।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। सिंहभूम चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री का प्रतिनिधमंडल बुधवार सुबह सांसद बिद्युत बरण महतो से बिष्टुपुर स्थित कार्यालय में मुलाकात की। इस दौरान चैंबर अध्यक्ष मानव केडिया ने धालभूमगढ़ एयरपोर्ट निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग की।
मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यह प्रोजेक्ट जमशेदपुर सहित पूरे कोल्हान क्षेत्र में हवाई कनेक्टिविटी, औद्योगिक विकास और आर्थिक प्रगति की मज़बूती के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। साथ ही चैंबर ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा उठाए गए 19 सूत्रीय सवालों पर वन विभाग की प्रतिक्रिया के संबंध में हुई प्रगति का स्वागत किया।
मानव केडिया ने कहा कि हमें पूरी उम्मीद है कि सांसद के निरंतर सहयोग और संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय से एयरपोर्ट प्रोजेक्ट तेज़ी से आगे बढ़ेगा। इसके अलावा चैंबर प्रतिनिधिमंडल ने टाटानगर में वंदे भारत कोचिंग डिपो प्रोजेक्ट की मंजूरी दिलाने के लिए सांसद सहित रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का भी आभार व्यक्त किया।
इस नए कोचिंग डिपो के स्वीकृत होने से टाटानगर रेलवे स्टेशन पर ही वंदे भारत ट्रेनों की मरम्मत, मेंटेनेंस और धुलाई-सफाई का काम आसानी से हो सकेगा। डिपो के निर्माण से भविष्य में टाटानगर से देश के अन्य रूटों के लिए नई वंदे भारत ट्रेनों के संचालन का रास्ता भी सुगम हो जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष के अलावा उपाध्यक्ष अनिल मोदी, राजीव श्रीवास्तव व सहायक सचिव भरत मकानी भी उपस्थित थे।
धालभूमगढ़ एयरपोर्ट से जुड़ी मुख्य बातें
- महत्वपूर्ण क्यों: जमशेदपुर और कोल्हान प्रमंडल में अभी कोई कमर्शियल एयरपोर्ट नहीं है। इसके बनने से सीधे कोलकाता, रांची, पटना और अन्य महानगरों के लिए विमान सेवा शुरू होने की उम्मीद है।
- अड़चनें और प्रगति: यह प्रोजेक्ट काफी समय से पर्यावरण और वन मंत्रालय (MoEFCC) की मंजूरियों (19 सूत्रीय आपत्तियों/सवालों) के चलते अटका हुआ था। अब वन विभाग द्वारा प्रतिक्रिया दिए जाने से इसके रास्ते साफ होने की उम्मीद जगी है।
- क्षेत्रीय लाभ: इससे जमशेदपुर के औद्योगिक हब (टाटा स्टील और अन्य उद्योगों) के निवेशकों, व्यवसायियों और आम नागरिकों को सीधे तौर पर हवाई यात्रा का लाभ मिलेगा।
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