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14 साल से खाली पड़ी जमीन पर अब बसेंगे उद्योग! टाटा पावर की 437 एकड़ जमीन पर बनेगा औद्योगिक पार्क

Published: Sun, 11 Oct 2026 07:00 AM (IST)

सरायकेला-खरसावां के कुकडू में नया औद्योगिक पार्क बनेगा, जिससे उद्योगों के लिए जमीन की कमी दूर होगी। टाटा पावर की ...और पढ़ें

एआई जेनरेटेड इमेज।

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HighLights

  1. सरायकेला-खरसावां के कुकडू में नया औद्योगिक पार्क बनाने की तैयारी।

  2. टाटा पावर की 437 एकड़ जमीन का होगा औद्योगिक उपयोग।

  3. जमीन के बदले टाटा पावर को भुगतान की दर पर होगा मंथन।

टीम जागरण, जमशेदपुर। सरायकेला-खरसावां के कुकडू प्रखंड में नया औद्योगिक पार्क बनेगा। इससे उद्योगों के लिए जमीन की कमी दूर होगी।

टाटा पावर कंपनी कुकडू प्रखंड में 436.93 एकड़ रैयती जमीन का अधिग्रहण किया था जहां कंपनी को 1960 मेगावाट का थर्मल पावर प्लांट स्थापित करने की योजना थी। हालांकि वर्ष 2012 से अधिग्रहित जमीन पर कंपनी थर्मल पावर प्लांट स्थापित नहीं कर पाई।

ऐसे में कंपनी प्रबंधन ने झारखंड इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट आथिरिटी (जियाडा) को पत्र भेजकर जमीन को हैंडओवर करने की इच्छा जाहिर की थी। इसके बाद जियाडा ने एक टीम गठित कर जमीन का भौतिक सत्यापन शुरू किया।

जियाडा का क्षेत्रीय कार्यालय एक सप्ताह में इसकी रिपोर्ट तैयार कर रांची स्थित मुख्यालय भेजेगा। उक्त रिपोर्ट की अनुशंसा पर कुकडू प्रखंड में नया औद्याेगिक पार्क बनाने की प्रक्रिया को गति मिलेगी। यदि झारखंड सरकार ने इसकी अनुमति दी तो झंडी मिलते ही काम शुरू हो जाएगा।

किस दर पर किया जाएगा कंपनी को भुगतान, होगा मंथन

जियाडा के क्षेत्रीय उप निदेशक दिनेश रंजन ने बताया कि कूकडू में बनने वाले नए औद्योगिक पार्क के प्रस्ताव को रांची भेजे जाने के बाद मुख्यालय तक करेगी कि 436.93 एकड़ जमीन के बदले टाटा पावर को किस दर पर राशि का भुगतान किया जाएगा, इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

उद्योगों के खत्म होगा जमीन का संकट

कुकडू में नए औद्योगिक पार्क के निर्माण के साथ उद्योग लगाने के इच्छुक निवेशकों-उद्यमियों को बड़ी राहत मिलेगी। औद्योगिक इकाइयों को विस्तारीकरण से लेकर नए प्लांट स्थापित करने के लिए जमीन की आवश्यकता है। ऐसे में 437 एकड़ जमीन पर नए उद्योगों की स्थापना का न सिर्फ रास्ता साफ होगा बल्कि नए निवेशकों को भूखंड उपलब्ध कराने की संभावना भी बढ़ेगी। इससे क्षेत्र में नए निवेश को आकर्षित करने में मदद मिलेगी।

फिलहाल जियाडा की रांची टीम द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन और मुख्यालय को भेजी जाने वाली रिपोर्ट को इस परियोजना की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की प्रक्रिया को लेकर तस्वीर अधिक स्पष्ट होगी। औद्योगिक पार्क की स्थापना, विकास कार्य शुरू होने और भूखंड आवंटन की समयसीमा के संबंध में आधिकारिक निर्णय का इंतजार है। 

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