वर्चस्व की जंग में खुली पुरानी रंजिश की परतें: ठेकेदारी और जमीन कारोबार के खूनी खेल में हुआ था सैमसन पर हमला
जमशेदपुर में रेलवे ठेकेदारी, जमीन खरीद-बिक्री और रंगदारी वसूली को लेकर आपराधिक वर्चस्व की जंग छिड़ गई है। हालिया गोलीबारी ...और पढ़ें

घटना के पीछे रेलवे ठेकेदारी और रंगदारी वसूली में वर्चस्व कायम करने की होड़ को मुख्य वजह माना जा रहा है।
HighLights
जमशेदपुर में आपराधिक वर्चस्व को लेकर गैंगवार छिड़ा।
कुख्यात अपराधी डोमिनिक सैमसन और मो. रिजवान गोलीबारी में घायल।
रेलवे ठेकेदारी, जमीन कारोबार और रंगदारी वसूली मुख्य कारण।
जासं, जमशेदपुर। जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों में रेलवे ठेकेदारी, जमीन खरीद-बिक्री तथा कंपनियों में रंगदारी वसूली को लेकर एक बार फिर आपराधिक वर्चस्व की जंग छिड़ गई है।
इसी रंजिश के तहत हुई हालिया गोलीबारी में कुख्यात अपराधी डोमिनिक सैमसन और हाल ही में जेल से बाहर आया मो. रिजवान घायल हो गए हैं।
इस घटना के पीछे रेलवे ठेकेदारी और रंगदारी वसूली में वर्चस्व कायम करने की होड़ को मुख्य वजह माना जा रहा है। घायल डोमिनिक सैमसन का नाम हत्या, रंगदारी और आपराधिक वर्चस्व से जुड़े कई संगीन मामलों में शामिल रहा है।
कुख्यात अखिलेश सिंह के समांतर खड़ा किया था गिरोह
गैंगस्टर अखिलेश सिंह के समांतर गिरोह खड़ा करने की साजिश के तहत वर्ष 2020 में सरायकेला-खरसावां पुलिस ने सरगना मनोज सरकार और डोमिनिक सैमसन समेत 10 अपराधियों को गिरफ्तार किया था।
इनके पास से भारी मात्रा में पिस्तौल, कट्टे, कारतूस और गाड़ियां बरामद हुई थीं। मनोज सरकार ने परमजीत गिरोह के गुर्गों के साथ मिलकर यह नया सिंडिकेट तैयार किया था।
इसमें सैमसन, अधीर, सरफुउद्दीन, आदिल और कृष्णा राव जैसे अपराधी शामिल थे। इस गिरोह का मुख्य मकसद हत्या और फायरिंग के बल पर रेलवे ठेकेदारी और जमीन कारोबार में एकाधिकार जमाना था।
जुलाई 2020 में इस गिरोह ने आदित्यपुर रेलवे ब्रिज के पास कोलकाता की एक ठेका कंपनी से रंगदारी के लिए बमबारी और फायरिंग भी की थी।
जमीन कारोबारी और ठेकेदार की हत्या का आरोपी
डोमिनिक सैमसन गोविंदपुर के जमीन कारोबारी संजीव सिंह और चक्रधरपुर में रेलवे ठेकेदार बलराम सिंह की हत्या के मामलों में भी नामजद अभियुक्त रहा है।
पूर्व में वह टीटू शर्मा और मनोज सरकार के साथ जुड़ा था, लेकिन बाद में विवाद के चलते अलग हो गया। गोलीबारी में घायल दूसरा व्यक्ति मो. रिजवान मानगो के माधव बाग कालोनी का रहने वाला है और जमीन कारोबार से जुड़ा है।
वह करीब एक सप्ताह पहले ही जेल से छूटा था। वहीं, घटना में शामिल दिलशाद कपाली ओपी क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। पुलिस फिलहाल रिजवान के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है और घटना के तारों को जोड़कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
