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सरकारी कागजों में ‘अदृश्य’ 70 वर्षीय कलावती, न राशन कार्ड है न घर; सबाई की रस्सी बेचकर भरती हैं पेट

Published: Sat, 31 Oct 2026 11:15 AM (IST)

70 वर्षीय कलावती सिंह सरकारी कागजों में अदृश्य हैं, बिना राशन, आधार या मतदाता पहचान पत्र के जर्जर झोपड़ी में ...और पढ़ें

कलावती की फाइल फोटो। जागरण

कलावती की फाइल फोटो। जागरण

HighLights

  1. कलावती सिंह सरकारी कागजों में अदृश्य, बिना पहचान पत्र।

  2. जर्जर झोपड़ी में जीवन, बारिश से एक हिस्सा ढहा।

संवाद सूत्र, बंदवान। सिर के ऊपर तालपत्ते और खपरैल की छत, चारों ओर बांस और लकड़ी की घेराबंदी और नीचे किसी तरह गुजर-बसर। बंदवान के कुचिया पंचायत अंतर्गत राजग्राम के चिटलापाड़ा की करीब 70 वर्षीय कलावती सिंह की जिंदगी आज भी इसी तरह बीत रही है। लगातार बारिश के कारण उनकी जर्जर झोपड़ी का एक हिस्सा भी ढह गया। अब खुले आसमान के नीचे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकारी योजनाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों के बीच क्या कलावती का नाम सरकारी व्यवस्था तक पहुंच ही नहीं पाया? जानकारी के अनुसार, कई वर्ष पहले पति की मृत्यु के बाद वह कुछ समय बेटी के साथ रहीं। पिछले चार-पांच वर्षों से वह अकेली रह रही हैं। जिस जगह पर उनकी झोपड़ी है, वह भी उनकी अपनी जमीन नहीं है।

कलावती के पास न राशन कार्ड है, न आधार कार्ड और न ही मतदाता पहचान पत्र। सरकारी दस्तावेजों के अभाव में वह कई बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। पेट पालने के लिए वह सबाई घास से रस्सी बनाती हैं और उसे बेचकर मिले पैसों से चावल-दाल खरीदती हैं।

लगातार बारिश में झोपड़ी का हिस्सा गिरने के बाद प्रशासन की ओर से उन्हें तिरपाल, हांडी-कड़ाही समेत अन्य सामग्री उपलब्ध कराई गई है। कलावती ने बताया कि अब तक उन्हें किसी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिला है। उनकी देखभाल करने वाला भी कोई नहीं है। सबाई की रस्सी बेचकर किसी तरह जीवन चल रहा है।

कलावती के रिश्ते के नाती सुकांत सिंह ने प्रशासन से जल्द आवास और राशन की व्यवस्था करने की मांग की है। बंदोवान प्रखंड प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि वृद्धा को तिरपाल, हांडी-कड़ाही समेत आवश्यक सामग्री दी गई है। जल्द ही राशन की व्यवस्था भी की जाएगी।

हालांकि, स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि कलावती वर्षों से इसी स्थिति में रह रही थीं तो अब तक प्रशासन की नजर उन तक क्यों नहीं पहुंची। ग्रामीणों ने वृद्धा को सरकारी आवास योजना, राशन कार्ड समेत अन्य पात्र सरकारी योजनाओं से जोड़ने की मांग की है। 

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