छोटा गम्हरिया के वात्सल्य बालिका गृह से लापता दोनों बच्चियां सकुशल बरामद, कुचाई व साकची से पुलिस ने खोज निकाला
छोटा गम्हरिया के वात्सल्य बालिका गृह से लापता हुईं दो नाबालिग बच्चियों को पुलिस ने पांच दिन बाद सकुशल बरामद ...और पढ़ें

वात्सल्य बालिका गृह।
HighLights
वात्सल्य बालिका गृह से लापता दो नाबालिग बच्चियां बरामद।
पुलिस ने पांच दिन की तलाश के बाद सफलता पाई।
संसू, गम्हरिया। छोटा गम्हरिया स्थित वात्सल्य बालिका गृह से पिछले सप्ताह रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुई दोनों नाबालिग बच्चियों को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। बच्चियों के दीवार फांदकर भागने के पांच दिन बाद पुलिस को यह बड़ी कामयाबी मिली है।
इस घटना ने संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे, जिसके बाद प्रशासन पर बच्चियों को जल्द तलाशने का भारी दबाव था।
विशेष टीमों ने कुचाई और साकची से किया बरामद
बीते मंगलवार को बालिका गृह की ऊंची दीवार फांदकर दोनों बच्चियां फरार हो गई थीं, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए गम्हरिया थाना प्रभारी रामचंद्र रजक के नेतृत्व में पुलिस की विशेष टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने तकनीकी सुरागों (सर्विलांस) और गुप्त सूचनाओं के आधार पर छापेमारी की।
इस दौरान पुलिस टीम ने एक बालिका को सरायकेला-खरसावां जिले के कुचाई अंतर्गत दलभंगा क्षेत्र से सकुशल बरामद किया। वहीं, दूसरी बालिका को जमशेदपुर के साकची इलाके से खोज निकाला गया।
बरामदगी के बाद दोनों बच्चियों की मेडिकल जांच कराई गई है और उन्हें सुरक्षित उनके परिजनों को सौंप दिया गया है।
मामले के मुख्य बिंदु:
- कहां से भागी थीं: वात्सल्य बालिका गृह, छोटा गम्हरिया।
- सफलता कब मिली: दीवार फांदकर भागने के 5 दिन बाद।
- कहां से हुईं बरामद: पहली बच्ची कुचाई (दलभंगा) से और दूसरी साकची (जमशेदपुर) से।
- आगे की कार्रवाई: पुलिस टीम की इस तत्परता के लिए उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था की होगी समीक्षा, कर्मचारियों से पूछताछ शुरू
बालिका गृह से दो नाबालिग बच्चियों का इस तरह भाग जाना प्रबंधन की बड़ी लापरवाही को उजागर करता है। हालांकि पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बच्चियों को सुरक्षित ढूंढ निकाला है, लेकिन अब जिला प्रशासन बालिका गृह की सुरक्षा कड़ी करने में जुट गया है।
अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सीसीटीवी कैमरों और सुरक्षा गार्ड्स की तैनाती बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही सुरक्षा मानकों की उच्चस्तरीय समीक्षा होगी।
जांच के मुख्य बिंदु: पुलिस अब इस पहलू पर भी गहनता से तफ्तीश कर रही है कि आखिर बच्चियों ने ऐसा कदम क्यों उठाया? क्या उन्हें बालिका गृह में किसी तरह की परेशानी थी या किसी बाहरी व्यक्ति ने उन्हें भागने में मदद की थी।
इस सिलसिले में बालिका गृह के कर्मचारियों से भी कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा में कोताही बरतने वाले जिम्मेदारों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही आश्रय गृहों में बच्चों की नियमित मानसिक काउंसलिंग कराने पर भी विचार किया जा रहा है।
