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Jamshedpur News: वात्सल्य बालिका गृह की दीवार लांघकर दो बच्चियां फरार, रातभर छानबीन में जुटे रहे एसडीपीओ 

Published: Wed, 27 May 2026 10:31 PM (IST)

सरायकेला-खरसावां के छोटा गम्हरिया स्थित वात्सल्य बालिका गृह से दो नाबालिग लड़कियां दीवार कूदकर फरार हो गईं। पुलिस ने तुरंत ...और पढ़ें

वात्‍सल्‍य बालिका गृह गम्‍हरिया।

वात्‍सल्‍य बालिका गृह गम्‍हरिया।

HighLights

  1. पुलिस ने रातभर तलाशी अभियान चलाया, सीसीटीवी खंगाले गए।

  2. सुरक्षा चूक पर सीडब्ल्यूसी ने नोटिस जारी किया।

संसू, गम्हरिया। सरायकेला-खरसावां जिले के छोटा गम्हरिया स्थित वात्सल्य बालिका गृह की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी सेंधमारी का मामला सामने आया है। मंगलवार देर शाम इस आश्रय गृह से दो नाबालिग बच्चियां परिसर की ऊंची चहारदीवारी कूदकर फरार हो गईं। 
 
इस संवेदनशील घटना के उजागर होते ही स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। प्रशासन की कई टीमें तुरंत अलर्ट मोड पर आ गई हैं, हालांकि घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी अब तक फरार बच्चियों का कोई सुराग नहीं मिल सका है। 
 

पटमदा और कुचाई की रहने वाली हैं बच्चियां, रातभर चला सर्च ऑपरेशन 

बालिका गृह से सुरक्षित घेरा तोड़कर भागने वाली बच्चियों में एक पूर्वी सिंहभूम के पटमदा और दूसरी सरायकेला के कुचाई (दलभंगा) क्षेत्र की रहने वाली है। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) अभिनव भारद्वाज के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया है। 
 
पुलिस टीम ने रातभर जिले के विभिन्न संभावित ठिकानों और संदिग्ध ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया। पुलिस की तकनीकी सेल बालिका गृह परिसर और उसके आसपास के मुख्य मार्गों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। 
 
ताकि बच्चियों के भागने की सटीक दिशा और रूट का पता लगाया जा सके। एहतियात के तौर पर टाटा और आसपास के सभी प्रमुख बस स्टैंडों तथा रेलवे स्टेशनों पर अलर्ट जारी कर तस्वीरें भेज दी गई हैं। 
 
इसके साथ ही दोनों बच्चियों के पैतृक गृह क्षेत्र में भी सादे लिबास में पुलिस और रेस्क्यू टीमों को तैनात कर नजर रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बच्चियों की सुरक्षित बरामदगी ही उनकी सबसे पहली प्राथमिकता है।
 

सुरक्षा व्यवस्था की खुली पोल, सीडब्ल्यूसी ने थमाया नोटिस 

इस अप्रत्याशित वारदात ने वात्सल्य बालिका गृह की संचालक की कार्यशैली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि इस संवेदनशील आश्रय गृह में न तो प्रशिक्षित और पर्याप्त सुरक्षा गार्ड तैनात हैं और न ही आंतरिक निगरानी का कोई पुख्ता डिजिटल तंत्र (जैसे मुस्तैद कैमरे) काम कर रहा है।
 
इसकोे लेकर जिला कल्याण पदाधिकारी (डीडब्ल्यूओ) संतोष ठाकुर ने तत्परता दिखाते हुए गम्हरिया थाने में एक आधिकारिक सनहा (U.D. Case) दर्ज करा दिया है।
 

बाल कल्याण समिति ने सुरक्षा चूक पर लिया संज्ञान 

दूसरी तरफ, बाल कल्याण समिति (CWC) ने भी आश्रय गृह में हुई इस बड़ी सुरक्षा चूक पर कड़ा संज्ञान लिया है। समिति ने संस्था के संचालक को कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी कर तत्काल स्पष्टीकरण मांगा है। 
 
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जांच में सुरक्षा को लेकर लापरवाही पाए जाने पर संचालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और संस्था के निबंधन (लाइसेंस) को रद करने की समीक्षा भी होगी। इसके अलावा, जिले के भीतर चल रहे अन्य सभी आश्रय गृहों की सुरक्षा ऑडिट भी जल्द कराई जाएगी।