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झारखंड में वात्सल्य बालिका गृह की बड़ी लापरवाही, यौन शोषण का राज खुलने के बाद दो किशोरियां लापता

Published: Sat, 30 May 2026 10:57 PM (IST)Updated: Sat, 30 May 2026 11:09 PM (IST)

सरायकेला-खरसावां के वात्सल्य बालिका गृह से दो किशोरियां लापता हो गईं, जिनमें से एक ने 18 दिन पहले यौन शोषण ...और पढ़ें

गम्हरिया स्थित वात्सल्य बालिका गृह

गम्हरिया स्थित वात्सल्य बालिका गृह

HighLights

  1. एक किशोरी ने 18 दिन पहले यौन शोषण की शिकायत की थी।

  2. प्रबंधन ने शिकायत दबाई, लापता होने पर FIR दर्ज कराई।

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले से एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। छोटा गम्हरिया स्थित वात्सल्य बालिका गृह की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यप्रणाली अब गंभीर सवालों के घेरे में है। 
 
यहां सुरक्षा में चूक के चलते दो किशोरियां संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई हैं, जिनमें से एक पटमदा और दूसरी कुचाई की रहने वाली है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि पटमदा की किशोरी ने 18 दिन पहले ही अपने साथ हुए यौन शोषण की खौफनाक सच्चाई प्रबंधन को बता दी थी, लेकिन अधिकारी इस पर पर्दा डाले रहे।
 

काउंसलिंग में खुली थी मुंहबोले भाई की दरिंदगी 

बालिका गृह की प्रभारी अधीक्षक सह काउंसलर शालिनी कुमारी द्वारा पुलिस को दी गई लिखित शिकायत के अनुसार, बीती 8 मई को काउंसलिंग के दौरान पटमदा की रहने वाली किशोरी ने अपना दर्द बयां किया था। पीड़िता ने बताया था कि:

  •     17 जनवरी से 15 फरवरी के बीच उसके ही एक मुंहबोले भाई ने उसके साथ शारीरिक शोषण की वारदात को अंजाम दिया था।
  •     आरोपी लगातार उसे डरा-धमका कर रखता था, जिसके खौफ के कारण वह इतने दिनों तक खामोश रहने पर मजबूर थी।


18 दिनों की चुप्पी और लड़कियों का फरार होना 

इस दर्दनाक और गंभीर खुलासे के बाद भी बालिका गृह प्रबंधन संवेदनहीन बना रहा। कानूनी तौर पर पॉक्सो(POCSO) मामलों की जानकारी तुरंत पुलिस को देना अनिवार्य है, लेकिन प्रबंधन 18 दिनों तक हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा।

मामला तब बिगड़ा जब 26 मई को दोनों किशोरियां अचानक बालिका गृह की सुरक्षा को धता बताकर गायब हो गईं। खुद को कानूनी शिकंजे से बचाने के लिए प्रभारी ने आनन-फानन में पहले गम्हरिया थाने में उनके भागने की शिकायत दर्ज कराई। 
 
इसके बाद यौन शोषण का यह गंभीर मामला पटमदा थाने में स्थानांतरित किया गया, जहां अब पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
 

पुलिस एक्शन मोड में, विशेष टीम का गठन 

लड़कियों के गायब होने और इतने बड़े मामले को दबाने की खबर से पुलिस महकमे में हड़कंपमच गया है। 

  •     एसडीपीओ अभिनव भारद्वाज के नेतृत्व में लापता किशोरियों की सकुशल बरामदगी के लिए एक विशेष टीम (SIT) का गठन किया गया है, जो लगातार छापेमारी कर रही है। 
  •     पटमदा के डीएसपी दयानंद कुमार ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि बालिका गृह की प्रभारी से कई गंभीर बिंदुओं पर पूछताछ की जाएगी।


सिस्टम पर उठते सुलगते सवाल 

इस पूरे घटनाक्रम ने जिले की बाल संरक्षण व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब 8 मई को ही किशोरी ने अपनी आपबीती बता दी थी, तो उसी दिन गम्हरिया या पटमदा पुलिस को इसकी सूचना क्यों नहीं दी गई? 
 
क्या प्रबंधन किसी को बचाने की कोशिश कर रहा था? फिलहाल पुलिस के हाथ खाली हैं और लड़कियों की बरामदगी के बाद ही इस डरावने सच का पूरा खुलासा हो सकेगा।