ग्रेट रोड सीरीज’ से खुली विकास की पोल: जमशेदपुर में पहली ही बारिश में की सड़कें बनीं तालाब
बहरागोड़ा में पहली बारिश से सड़कों की बदहाली सामने आई है। भाजपा नेता राहुल सारंगी की 'ग्रेट रोड सीरीज' ने ...और पढ़ें
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HighLights
बहरागोड़ा में पहली बारिश से सड़कों की बदहाली उजागर।
राहुल सारंगी की 'ग्रेट रोड सीरीज' ने खोली पोल।
गुहियापाल मार्ग सहित कई सड़कें जर्जर, जनता आक्रोशित।
संवाद सूत्र, बहरागोड़ा। पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा प्रखंड क्षेत्र में सड़कों की बदहाल स्थिति एक बार फिर बड़े विवाद और चर्चा का विषय बन गई है। मानसून की शुरुआत से पहले हुई सामान्य बारिश ने ही क्षेत्र के विकास दावों की पोल खोल कर रख दी है।
भाजपा के युवा नेता और समाजसेवी राहुल ऋषि सारंगी द्वारा अपने सोशल मीडिया मंचों पर चलाई जा रही ‘ग्रेट रोड सीरीज़’ इस समय पूरे क्षेत्र में हॉट टॉपिक बनी हुई है। इस सीरीज़ के माध्यम से वे विधानसभा की बदहाल सड़कों की जमीनी और वास्तविक तस्वीरें लगातार साझा कर रहे हैं।
राहुल सारंगी ने इस मुहिम के तहत सीधे क्षेत्र के विधायक समीर कुमार मोहंती, जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने सवाल उठाया है कि जिन सड़कों के निर्माण और मरम्मत के नाम पर कागजों में करोड़ों रुपये खर्च करने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे थे, उनकी हालत महज एक ही बारिश में इतनी भयावह कैसे हो गई?
कई सड़कों पर तो विशेष मरम्मत कार्य के बोर्ड टंगे हैं, लेकिन धरातल पर उसकी गुणवत्ता शून्य नजर आ रही है भाजपा के युवा नेता राहुल सारंगी द्वारा उठाए गए मुद्दों में क्षेत्र की इन महत्वपूर्ण सड़कों की दुर्दशा का प्रमुखता से उल्लेख किया गया है:-
एनएच 18 से पाथरघाटा मार्ग
- महेशपुर चौक-गुहियापाल-गुड़ाबांदा सड़क
- प्रखंड कार्यालय से प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय एवं आटीआई कॉलेज होते हुए केंवला मार्ग
- कटूसोल चौक-चिंगड़ा सड़क
- झरिया मोड़-मालखांदा-झाटियासोल मार्ग
- दारीसोल से सुरमुही-बड़साल तक की सड़क
गुहियापाल मार्ग का सबसे बुरा हाल: एक तरफ बनती है, दूसरी तरफ टूटती
भाजपा नेता राहुल षाडंगी ने आरोप लगाया है कि स्थानीय ग्रामीणों में गुहियापाल मार्ग के निर्माण कार्य को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि कांट्रेक्टर द्वारा हाल ही में सड़क मरम्मत कराई गई थी एक दो साल के अंदर यह सड़क पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। यह पूरी तरह से सरकारी पैसे की बर्बादी और निगरानी तंत्र की विफलता।
बारिश के पानी से लबालब भरे इन बड़े-बड़े गड्ढों के कारण रोजाना दोपहिया वाहन चालक, स्कूल जाने वाले मासूम बच्चे और आपातकालीन स्थिति में मरीज जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। कीचड़ और जलभराव के चलते आए दिन लोग यहां फिसल कर गिर रहे हैं और दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी हुई है।
राहुल सारंगी द्वारा लगाए गए तीखे सवालों और गंभीर आरोपों पर अभी तक स्थानीय विधायक समीर कुमार मोहंती या जिला प्रशासन की ओर से कोई भी आधिकारिक जवाब या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ग्रामीणों का दो टूक
क्षेत्र की जनता का साफ कहना है कि अब उन्हें कोरे आश्वासनों और चुनावी घोषणाओं पर भरोसा नहीं है। विभाग को तुरंत हरकत में आकर कागजी दावों के बजाय धरातल पर मजबूत और गुणवत्तापूर्ण सड़कों का निर्माण सुनिश्चित करना चाहिए।
